जमशेदपुर: रक्षाबंधन के पर्व को भाई- बहन के पारंपरिक रिश्ते से आगे बढ़ाकर कृतज्ञता, सम्मान और सेवा से जोड़ने की अनूठी पहल की गई. रोटरैक्ट क्लब ऑफ जमशेदपुर सेवार्थ ने ‘कृतज्ञताबन्धनम्’ अभियान के तहत बच्चों के हाथों से तैयार राखियां समाज की सुरक्षा और सेवा में जुटे कर्मियों तक पहुंचाईं.


अभियान के तहत बच्चों ने स्वयं राखियां तैयार करने के साथ पुलिसकर्मियों, चिकित्सकों, नर्सों और रक्त सेवा से जुड़े कर्मियों के लिए भावपूर्ण संदेश एवं पत्र भी लिखे. क्लब के सदस्यों ने महिला थाना, साकची थाना और बिष्टुपुर थाना पहुंचकर पुलिस अधिकारियों, महिला पुलिसकर्मियों और अन्य कर्मियों को राखियां बांधकर उनके योगदान के प्रति आभार जताया.
इसके बाद टाटा मुख्य अस्पताल के चिकित्सकों, नर्सों और चिकित्सा सेवा से जुड़े कर्मचारियों के साथ रक्षाबंधन मनाया गया. जमशेदपुर रक्त केंद्र एवं अस्पताल के रक्त भंडार से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को भी राखियां बांधकर रक्त सेवा के जरिए जरूरतमंदों का जीवन बचाने में उनके योगदान के लिए धन्यवाद दिया गया.
अभियान का सबसे भावुक पहलू बच्चों के हाथों से लिखे संदेश रहे. इनमें पुलिस, स्वास्थ्य और रक्त सेवा से जुड़े कर्मियों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता की भावना व्यक्त की गई.
रोटरैक्ट क्लब के सदस्यों ने कहा कि कृतज्ञता केवल शब्दों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि समाज की सुरक्षा और सेवा में जुटे लोगों तक पहुंचनी चाहिए. क्लब के अनुसार ‘कृतज्ञताबन्धनम्’ का उद्देश्य बच्चों में रचनात्मकता के साथ सामाजिक जिम्मेदारी, देशभक्ति, सम्मान और सेवा की भावना विकसित करना भी है.
इस पहल ने संदेश दिया कि राखी का धागा केवल भाई-बहन के रिश्ते का प्रतीक नहीं, बल्कि समाज की सेवा करने वाले कर्मवीरों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का बंधन भी बन सकता है.न सकता है.

