बोकारो: पुलिस मुख्यालय में आयोजित मासिक क्राइम मीटिंग में उत्तरी छोटानागपुर प्रक्षेत्र के आईजी शैलेंद्र कुमार सिन्हा ने पुलिस अधिकारियों को बेहतर पुलिसिंग, जवाबदेही और जनसंपर्क को लेकर कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि पुलिस का दायित्व केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि आम लोगों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करना भी है.


शनिवार को बोकारो समाहरणालय सभागार में आयोजित मासिक क्राइम मीटिंग में जिले के पुलिस अधीक्षक, सभी डीएसपी, सर्किल इंस्पेक्टर और थाना प्रभारी मौजूद रहे. बैठक में अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों के निष्पादन और पुलिस कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई.
बैठक के दौरान आईजी शैलेंद्र कुमार सिन्हा ने हाल के दिनों में हाईकोर्ट में बढ़ रहे अवमानना (Contempt) मामलों पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि यह पुलिस विभाग के लिए गंभीर विषय है. छोटी-छोटी प्रक्रियात्मक खामियों और लापरवाही के कारण कई मामलों में डीजीपी से लेकर जिला पुलिस अधीक्षक तक को हाईकोर्ट के समक्ष जवाबदेह होना पड़ा है.
आईजी ने कहा कि ऐसी परिस्थितियां पुलिस विभाग की कार्यशैली और जवाबदेही पर सवाल खड़े करती हैं. इसलिए सभी अधिकारियों को न्यायालय से जुड़े मामलों में विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए और निर्धारित प्रक्रिया का पूरी गंभीरता से पालन करना चाहिए.
उन्होंने बताया कि बोकारो के नए पुलिस अधीक्षक ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधिकारियों और हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं के साथ विशेष बैठक आयोजित की है. इस पहल से अधिकारियों को न्यायालयीन प्रक्रियाओं और कानूनी दायित्वों की बेहतर जानकारी मिलेगी तथा भविष्य में ऐसी समस्याओं को कम करने में मदद मिलेगी.
आईजी ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में पुलिस पदाधिकारी अधिक सतर्कता के साथ कार्य करेंगे और हाईकोर्ट में अवमानना से जुड़े मामलों की संख्या में कमी आएगी. उन्होंने सभी थाना प्रभारियों और पुलिस अधिकारियों को कानून सम्मत कार्रवाई, समयबद्ध अनुसंधान और बेहतर जनसंपर्क पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया.
बैठक में अपराध नियंत्रण को लेकर चलाए जा रहे अभियानों की भी समीक्षा की गई तथा पुलिसिंग को और प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक सुझाव दिए गए.
रिपोर्ट: शुभम मिश्रा



