बिहार: समस्तीपुर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक पंचायत मुखिया को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. दलसिंहसराय अनुमंडल क्षेत्र की चकबहाउद्दीन पंचायत के मुखिया सिया राम राय को 1 लाख 20 हजार रुपये घूस की राशि लेते हुए दबोचा गया. कार्रवाई के बाद निगरानी विभाग की टीम आरोपी को अपने साथ मुजफ्फरपुर ले गई.


जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता शिक्षक अब्दुल मन्नान दलसिंहसराय के चकबहाउद्दीन मोहन वार्ड संख्या-7 स्थित प्राथमिक विद्यालय में पदस्थापित थे. वर्ष 2024 में उनके खिलाफ एससी-एसटी एक्ट और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ था, जिसके बाद उन्हें पंचायत शिक्षक के पद से निलंबित कर दिया गया था.
शिक्षक का आरोप है कि बाद में अदालत ने उन्हें राहत देते हुए मामले से मुक्त कर दिया और निलंबन वापस लेने का निर्देश दिया. इसके बावजूद जब उन्होंने निलंबन समाप्त करने के लिए आवेदन दिया तो पंचायत मुखिया और पंचायत सचिव की ओर से कथित रूप से रिश्वत की मांग की जाने लगी.
पीड़ित शिक्षक अब्दुल मन्नान ने आरोप लगाया कि निलंबन वापस लेने के एवज में उनसे 5 लाख रुपये की मांग की गई. आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उन्होंने निगरानी विभाग से शिकायत की. शिकायत की जांच के दौरान आरोपों को सही पाया गया, जिसके बाद निगरानी विभाग ने जाल बिछाया.
योजना के तहत शिक्षक को तय राशि देने के लिए दलसिंहसराय स्थित अपने प्रतिष्ठान पर बुलाया गया. जैसे ही शिक्षक ने मुखिया को 1 लाख 20 हजार रुपये दिए, निगरानी विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर उन्हें रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. बताया जा रहा है कि पंचायत सचिव के हिस्से के लिए 20 हजार रुपये अलग रखे गए थे, लेकिन कार्रवाई के दौरान पंचायत सचिव अजीत कुमार मौके से फरार हो गए.
निगरानी विभाग के डीएसपी अमरेंद्र प्रसाद विद्यार्थी ने बताया कि शिक्षक की शिकायत पर जांच कराई गई थी. जांच में रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के बाद कार्रवाई की गई. उन्होंने कहा कि फरार पंचायत सचिव की तलाश जारी है और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है. इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है. वहीं भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग की इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों में भी चर्चा का माहौल है.
Edited By Sarita Mahato

