जामताड़ा: ईद-उल-जोहा (बकरीद) पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने को लेकर जामताड़ा जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है. उपायुक्त आलोक कुमार एवं पुलिस अधीक्षक शंभु कुमार सिंह द्वारा संयुक्त आदेश जारी कर जिलेभर में सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं.

प्रशासन की ओर से बताया गया है कि इस वर्ष बकरीद का पर्व 28 मई, गुरुवार को मनाया जाएगा. हालांकि चांद दिखने के आधार पर तिथि में परिवर्तन संभव है. पर्व के दौरान बड़ी संख्या में मुस्लिम धर्मावलंबी ईदगाहों एवं मस्जिदों में सामूहिक नमाज अदा करेंगे. भीड़ अधिक होने की स्थिति में कई स्थानों पर सड़क पर भी नमाज अदा की जाती है, जिससे यातायात प्रभावित होने की संभावना बनी रहती है.
संभावित तनाव एवं विधि-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने जिले के साम्प्रदायिक रूप से संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में विशेष चौकसी बरतने का निर्देश दिया है. पूर्व से विवादित धार्मिक स्थलों पर विशेष निगरानी रखने तथा साम्प्रदायिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले असामाजिक एवं शरारती तत्वों पर पैनी नजर रखने को कहा गया है.
संयुक्त आदेश में स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि ईद-उल-जोहा के दिन पशु तस्करी, अवैध बूचड़खाना संचालन एवं प्रतिबंधित मांस की बिक्री पर पूरी तरह रोक रहेगी. इसकी निगरानी की जिम्मेदारी अनुमंडल पदाधिकारी एवं जिला पशुपालन पदाधिकारी को सौंपी गई है.
प्रशासन ने महिलाओं एवं युवतियों से छेड़खानी की घटनाओं को रोकने के लिए भी विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है. जिन स्थानों पर सड़क पर नमाज अदा की जाती है, वहां वाहनों की आवाजाही पर निगरानी रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक रूट लागू करने की बात कही गई है.
ईदगाह एवं मस्जिदों तक जाने वाले मार्गों पर लगातार निगरानी रखने तथा अधिक भीड़ वाले स्थानों पर वीडियो रिकॉर्डिंग कराने का निर्देश जारी किया गया है. वहीं व्हाट्सएप, फेसबुक, एक्स, लिंक्डइन सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भड़काऊ पोस्ट, विवादित तस्वीरें एवं अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखने को कहा गया है.
विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बुधवार अपराह्न से ही दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी एवं सशस्त्र बलों की प्रतिनियुक्ति कर दी गई है. सभी प्रतिनियुक्त अधिकारी अपने-अपने ड्यूटी स्थल पर तैनात रहेंगे और स्थिति सामान्य होने तक वहीं बने रहेंगे.
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जहां शांति भंग होने की आशंका होगी, वहां बीएनएसएस की धारा 163/126 के तहत निरोधात्मक कार्रवाई की जाएगी. आवश्यकता पड़ने पर उपद्रवियों के खिलाफ बल प्रयोग करने का भी निर्देश दिया गया है.
इसके अलावा प्रशासन ने शांति समिति के सदस्यों के माध्यम से लोगों से अपील की है कि कुर्बानी खुले में न दी जाए तथा कुर्बानी के बाद अनुपयोगी वस्तुओं का निपटारा स्वच्छ तरीके से किया जाए, ताकि प्रदूषण न फैले. नमाज के दौरान डीजे या लाउडस्पीकर पर भड़काऊ गाने अथवा आपत्तिजनक सामग्री बजाने पर भी सख्त रोक लगाई गई है.
उत्पाद विभाग को अवैध शराब की बिक्री पर निगरानी रखने तथा स्वास्थ्य विभाग को जिला नियंत्रण कक्ष एवं सभी प्रखंड मुख्यालयों में एंबुलेंस और मेडिकल टीम तैनात रखने का निर्देश दिया गया है. वहीं अग्निशमन विभाग को नारायणपुर थाना एवं जिला मुख्यालय में अग्निशमन वाहन तैनात करने को कहा गया है.
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के लिए हर स्तर पर सतर्कता बरती जा रही है.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल



