
कांड्रा: सरायकेला- खरसावां जिले के कांड्रा में गुरुवार को भगवान जगन्नाथ की पारंपरिक रथयात्रा श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ निकाली गई. भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ भव्य रथ पर सवार होकर मौसीबाड़ी के लिए रवाना हुए. रथयात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया और पूरे उत्साह के साथ रथ खींचकर महाप्रभु का आशीर्वाद प्राप्त किया.


कांड्रा स्थित पाउड़ी स्थान से शुरू हुई रथयात्रा इंडियन ऑयल पंप, मुख्य बाजार और ओवरब्रिज क्षेत्र का भ्रमण करती हुई मौसीबाड़ी पहुंची. यात्रा के दौरान श्रद्धालु जय जगन्नाथ के जयकारे लगाते हुए भक्ति गीतों पर झूमते नजर आए. पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही.

रथयात्रा को लेकर समिति की ओर से कई दिनों से तैयारियां की जा रही थीं. भगवान के रथ की रंगाई-पुताई, मरम्मत और सजावट का कार्य पहले ही पूरा कर लिया गया था. आयोजन समिति की ओर से भक्तों के लिए पाउड़ी स्थान में भंडारे का भी आयोजन किया गया, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने खिचड़ी प्रसाद ग्रहण किया.
रथयात्रा के शांतिपूर्ण आयोजन को लेकर कांड्रा पुलिस प्रशासन की ओर से विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई थी. श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कांड्रा मोड़ से गिद्दीबेड़ा टोल प्लाजा तक कुछ समय के लिए भारी और छोटे वाहनों के परिचालन पर रोक लगाई गई थी.
रथयात्रा समिति के अध्यक्ष विजय महतो ने बताया कि भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा आगामी नौ दिनों तक मौसीबाड़ी में विराजमान रहेंगे. इसके बाद उल्टा रथ यात्रा के माध्यम से भगवान पुनः अपने मंदिर लौटेंगे.
कांड्रा में पिछले लगभग साठ वर्षों से भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा की परंपरा चली आ रही है. स्थानीय लोगों के अनुसार इस धार्मिक आयोजन का क्षेत्र की संस्कृति और आस्था से गहरा जुड़ाव है. मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ का रथ खींचने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है.
रिपोर्ट: विपिन वार्ष्णेय





