
Ram Mandir अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित अनियमितता के मामले में जांच लगातार आगे बढ़ रही है. पुलिस इस मामले में अब तक एफआईआर में नामजद सभी आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है. आरोपियों पर दान राशि और चढ़ावे के प्रबंधन में कथित गड़बड़ी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक साजिश सहित विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है.


जांच एजेंसियों के अनुसार, मामले की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है. गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान घटना से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य और जानकारियां जुटाई जा रही हैं. पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी.
इसी बीच मामले ने नया मोड़ तब लिया, जब विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है. रिपोर्टों में कहा गया है कि दोनों ने नैतिक आधार पर अपना इस्तीफा सौंपा है. हालांकि, इस संबंध में ट्रस्ट की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान या पुष्टि का इंतजार है.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि यदि जांच में कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि किसी व्यक्ति की कथित गलती के आधार पर अयोध्या या राम मंदिर की प्रतिष्ठा पर सवाल नहीं उठाए जाने चाहिए.
फिलहाल पूरे मामले पर देशभर की नजर बनी हुई है. जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई और ट्रस्ट की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है. जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी.






