आदित्यपुर: शहरी जलापूर्ति योजना के तहत सीतारामपुर जलाशय स्थित 30 एमएलडी वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट से 15 जुलाई से आदित्यपुर-2 क्षेत्र में जलापूर्ति शुरू करने का दावा एक बार फिर धराशायी हो गया. तय तिथि बीत जाने के बावजूद लोगों के घरों तक पानी नहीं पहुंच सका. इसके उलट पाइपलाइन में तकनीकी खराबी दूर करने के नाम पर आदित्यपुर कॉलोनी की कई सड़कों की खुदाई कर दी गई है, जिससे स्थानीय लोगों की परेशानी और बढ़ गई है.


जानकारी के अनुसार, पाइपलाइन में तकनीकी फॉल्ट आने के कारण संबंधित एजेंसी खराबी का पता लगाने और मरम्मत का कार्य कर रही है. इसी वजह से जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी. लगातार हो रही देरी से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है.

इधर, जलापूर्ति को लेकर पहले आंदोलन कर चुके जनकल्याण मोर्चा और आदित्यपुर अधिवक्ता संघ ने जुडको और जिंदल पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है. मोर्चा के अध्यक्ष सह अधिवक्ता ओमप्रकाश ने कहा कि अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि हर हाल में 15 जुलाई से जलापूर्ति शुरू कर दी जाएगी, लेकिन 17 जुलाई तक भी योजना धरातल पर नहीं उतर सकी. उन्होंने कहा कि मरम्मत कार्य के दौरान अच्छी- भली सड़कों को भी भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है.
ओमप्रकाश ने कहा कि तकनीकी खराबी दूर करना आवश्यक है, लेकिन झारखंड उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप क्षतिग्रस्त सड़कों की उसी गुणवत्ता के साथ शीघ्र मरम्मत कराई जानी चाहिए, जैसी पहले थी. जबकि ऐसा नहीं किया जा रहा है उल्टा सड़कों को सत्यानाश किया जा रहा है.
वहीं, जिंदल के महाप्रबंधक पीयूष सिंह ने बताया कि सीतारामपुर फिल्टर प्लांट में भी तकनीकी खराबी सामने आई है. चूंकि परियोजना अभी गारंटी अवधि में है, इसलिए संबंधित इंजीनियरों की टीम अगले दो-तीन दिनों में पहुंचकर समस्या का समाधान करेगी.
ओमप्रकाश ने बताया कि इस मुद्दे पर आदित्यपुर नगर निगम के मेयर और उपमेयर से भी बातचीत हुई है. दोनों ने तकनीकी फॉल्ट की पुष्टि करते हुए उम्मीद जताई है कि लगभग एक सप्ताह के भीतर समस्या का समाधान कर जलापूर्ति शुरू कर दी जाएगी.
उधर, जनकल्याण मोर्चा एवं आदित्यपुर अधिवक्ता संघ ने 19 जुलाई को प्रस्तावित बैठक अपरिहार्य कारणों से स्थगित कर दी है. अब यह बैठक 26 जुलाई 2026 को आयोजित होगी, जिसमें जलापूर्ति योजना को लेकर आगे की रणनीति तय की जाएगी.





