सरायकेला: आदित्यपुर नगर निगम में जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र शाखा को लेकर शुरू हुआ विवाद अब और गहरा गया है. युवा जनशक्ति मोर्चा के अध्यक्ष अभय झा और दिव्यांशु झा ने शुक्रवार को उपायुक्त नीतिश कुमार सिंह एवं पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी से मुलाकात कर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की. दोनों ने नगर निगम के अपर नगर आयुक्त रवि प्रकाश और संविदा कर्मी रविंद्र राम की भूमिका की निष्पक्ष जांच के साथ-साथ उनकी संपत्तियों की भी जांच कराने की मांग उठाई.


उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को सौंपे गए ज्ञापन में अभय झा ने आरोप लगाया कि मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने के एवज में चार हजार रुपये मांगने की शिकायत किए जाने के बाद मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई. उनका कहना है कि शिकायत के बावजूद संबंधित कर्मी को बिना किसी स्वतंत्र जांच के क्लीन चिट दे दी गई और बाद में उनके खिलाफ ही मामला दर्ज करा दिया गया.
अभय झा ने दावा किया कि संविदा कर्मी रविंद्र राम ने अपर नगर आयुक्त रवि प्रकाश के संरक्षण में उनके तथा दिव्यांशु झा के खिलाफ आदित्यपुर थाना में झूठा मामला दर्ज कराया है. उन्होंने कहा कि यदि किसी सरकारी कार्यालय में भ्रष्टाचार या अनियमितता की शिकायत करने वालों के विरुद्ध ही कार्रवाई होने लगे तो इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था और शिकायत निवारण प्रणाली पर प्रश्नचिह्न खड़े होंगे.
क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार बीते सोमवार को आदित्यपुर नगर निगम कार्यालय में मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के मामले को लेकर दिव्यांशु झा ने संविदा कर्मी रविंद्र राम के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में आरोप लगाया गया था कि मृत्यु प्रमाण पत्र निर्गत करने के लिए चार हजार रुपये की मांग की गई थी.

इस शिकायत के बाद उपनगर आयुक्त पारुल सिंह ने मामले की जांच कराने की अनुशंसा की थी. आरोप है कि अपर नगर आयुक्त रवि प्रकाश ने बिना विस्तृत जांच के ही संबंधित कर्मी को क्लीन चिट दे दी. इसके बाद उपनगर आयुक्त पारुल सिंह द्वारा जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र शाखा का प्रभार छोड़ने की सूचना भी सामने आई, जिससे मामला और चर्चा में आ गया. इधर संविदा कर्मी रविंद्र राम ने आदित्यपुर थाना में अभय झा और दिव्यांशु झा के विरुद्ध जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर अपमानित करने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है. इसके बाद यह मामला प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है.
आंदोलन की चेतावनी
अभय झा ने कहा कि नगर निगम क्षेत्र की समस्याओं, भ्रष्टाचार और जनहित के मुद्दों को उठाने का उनका अभियान जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि यदि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई तो व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा. उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर वे जेल जाने से भी पीछे नहीं हटेंगे.
कई सवालों पर टिकी निगाहें
इस पूरे घटनाक्रम के बाद कई सवाल उठ रहे हैं. क्या मृत्यु प्रमाण पत्र के बदले रिश्वत मांगने के आरोपों की निष्पक्ष जांच हुई. शिकायत के बाद संबंधित कर्मी को किस आधार पर क्लीन चिट दी गई. जातिसूचक टिप्पणी के आरोपों की सच्चाई क्या है. और क्या दोनों पक्षों के आरोपों की स्वतंत्र जांच कर वास्तविक तथ्यों को सामने लाया जाएगा. फिलहाल मामले को लेकर नगर निगम क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है और लोगों की नजर अब जिला प्रशासन एवं पुलिस की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है.
रिपोर्ट: प्रमोद सिंह

