
आदित्यपुर: पत्रकार सुनील गुप्ता और उनके पुत्र अनुराग गुप्ता पर हुए जानलेवा हमले के मामले में गुरुवार देर शाम बड़ा घटनाक्रम सामने आया. जिला मुख्यालय में आयोजित क्राइम मीटिंग के बाद सरायकेला- खरसावां की पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी के निर्देश पर पुलिस पूरी तरह सक्रिय हो गई. अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी और आदित्यपुर थाना प्रभारी अंजनी सिंह के नेतृत्व में ताबड़तोड़ छापेमारी अभियान चलाया गया, जिसमें मामले के चारों आरोपी प्रकाश कुमार यादव, दिनेश यादव, नीरज यादव और बबलू यादव को गिरफ्तार कर लिया गया.


गौरतलब है कि बीते रविवार को पत्रकार सुनील गुप्ता और उनके पुत्र अनुराग गुप्ता पर पड़ोस में कथित रूप से अवैध रूप से संचालित वन भूमि के खटाल को लेकर हुए विवाद के दौरान हमला किया गया था. इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराओं के तहत प्रकाश कुमार यादव, दिनेश यादव, नीरज यादव और बबलू यादव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी. इसके बावजूद चार दिन तक पुलिस किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी, जिससे पत्रकारों में भारी आक्रोश व्याप्त था.

वार्ता करते थाना प्रभारी अंजनी सिंह
इसी के विरोध मे प्रेस क्लब ऑफ सरायकेला- खरसावां ने गुरुवार शाम से आदित्यपुर थाना परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया. जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे पत्रकारों ने एकजुट होकर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच और पत्रकारों की सुरक्षा की मांग उठाई. धरने के दौरान पत्रकारों ने साफ कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा.
धरना शुरू होने के कुछ ही घंटों बाद पुलिस की सक्रियता अचानक तेज हो गई. एसपी के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी और थाना प्रभारी ने अलग- अलग स्थानों पर छापेमारी कर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद देर रात तक दोनों पक्षों से अलग- अलग पूछताछ की गई और उनका क्रॉस स्टेटमेंट दर्ज किया गया. पुलिस सूत्रों के अनुसार मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण साक्ष्य भी मिले हैं, जिनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

धरने पर बैठे प्रेस क्लब के सदस्य एवं पदाधिकारी
रात करीब 12 बजे अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ने धरना पर बैठे पत्रकारों से वार्ता की और निष्पक्ष एवं न्यायोचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया. साथ ही शुक्रवार को आगे की अनुसंधान प्रक्रिया के लिए दोनों पक्षों को पुनः थाना बुलाया गया.
देर रात करीब एक बजे आदित्यपुर थाना प्रभारी अंजनी सिंह ने प्रेस क्लब के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत वार्ता की. इस दौरान पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर भविष्य में गंभीरता दिखाने तथा ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का लिखित आश्वासन दिया गया. लिखित आश्वासन मिलने के बाद प्रेस क्लब ऑफ सरायकेला- खरसावां ने अपना अनिश्चितकालीन धरना समाप्त करने की घोषणा कर दी.

पत्रकारों से वार्ता करते अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी एवं थाना प्रभारी
प्रेस क्लब के पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन से जुड़े प्रत्येक पत्रकार की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि यदि पुलिस प्रारंभ से ही संवेदनशीलता दिखाती तो आंदोलन की नौबत नहीं आती. हालांकि उन्होंने पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी द्वारा मामले की गंभीरता को समझते हुए त्वरित कार्रवाई कराने और चारों आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने पर संतोष भी व्यक्त किया.
प्रेस क्लब ने स्पष्ट किया कि आंदोलन भले समाप्त हो गया हो, लेकिन मामला अभी खत्म नहीं हुआ है. संगठन आगे भी पूरे प्रकरण की निगरानी करेगा और पीड़ित पत्रकार तथा उसके परिवार के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा. साथ ही यह भी कहा गया कि कानून अपना काम निष्पक्ष रूप से करे और दोषियों को न्यायालय से कठोर सजा मिले, ताकि भविष्य में किसी पत्रकार पर हमला करने का दुस्साहस कोई न कर सके.


