सरायकेला: जिले में अवैध बालू खनन एवं परिवहन के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत बुधवार को खनन विभाग ने आदित्यपुर क्षेत्र में अवैध बालू लदे एक बोलेरो पिकअप को जब्त किया. एमटीसी, गम्हरिया के समीप पकड़े गए वाहन को कार्रवाई के बाद आदित्यपुर थाना के सुपुर्द कर दिया गया. जिला प्रशासन की ओर से अवैध खनन, भंडारण और परिवहन के खिलाफ लगातार सख्ती बरतने की बात कही जा रही है.


इस कार्रवाई के बीच सीनी ओपी क्षेत्र में रात के अंधेरे में कथित रूप से जारी बालू परिवहन को लेकर सवाल उठने लगे हैं. स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि देर रात बालू लदे वाहनों की आवाजाही होती है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि अवैध परिवहन हो रहा है तो स्थानीय पुलिस और संबंधित विभाग की नजर इन वाहनों पर क्यों नहीं पड़ रही है.
एक तरफ आदित्यपुर में खनन विभाग की टीम सड़क पर उतरकर बालू लदे वाहनों की जांच और जब्ती कर रही है, वहीं दूसरी तरफ सीनी क्षेत्र से रात में बालू परिवहन की शिकायतें सामने आना निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है.
पुलिस संरक्षण की चर्चा, मगर पुष्टि नहीं
स्थानीय स्तर पर सीनी क्षेत्र में कथित अवैध बालू कारोबार को पुलिस संरक्षण मिलने की भी चर्चा है. हालांकि इस आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है. ऐसे में पुलिस और खनन विभाग की ओर से रात में विशेष जांच अभियान चलाए जाने से वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है.
उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की ओर से अवैध खनन एवं परिवहन के खिलाफ सख्ती के निर्देश दिए गए हैं. इसके बावजूद यदि सीनी ओपी क्षेत्र में रात के समय अवैध बालू परिवहन की शिकायत सही पाई जाती है तो यह न केवल खनन विभाग के लिए चुनौती होगी, बल्कि स्थानीय पुलिस की निगरानी और जवाबदेही पर भी गंभीर सवाल खड़े करेगी.
अब नजर इस बात पर है कि जिला खनन विभाग सीनी ओपी क्षेत्र में भी रात के समय औचक जांच अभियान चलाता है या नहीं. साथ ही स्थानीय पुलिस कथित बालू परिवहन की शिकायतों पर क्या कार्रवाई करती है. जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सीनी में रात के अंधेरे में चल रहे कथित ‘बालू के खेल’ के पीछे वास्तविक स्थिति क्या है.
प्रमोद सिंह (संपादक)

