गम्हरिया: झामुमो युवा नेता सन्नी सिंह की माता अमृत कौर (56) रविवार को पंचतत्व में विलीन हो गईं. बिष्टुपुर स्थित पार्वती घाट पर सिख रीति-रिवाज के अनुसार उनका अंतिम संस्कार किया गया. पुत्र सन्नी सिंह ने उन्हें मुखाग्नि दी. इस दौरान परिवार के सदस्यों के साथ बड़ी संख्या में सामाजिक, राजनीतिक और सिख समाज के लोग मौजूद रहे.


इससे पहले अमृत कौर का पार्थिव शरीर गम्हरिया स्थित आवास पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया. परिजनों और शुभचिंतकों की आंखें नम हो गईं. अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग उनके आवास पहुंचे और श्रद्धांजलि अर्पित की.
गम्हरिया गुरुद्वारा में हुई अरदास
अंतिम यात्रा से पूर्व गम्हरिया गुरुद्वारा में दिवंगत आत्मा की शांति के लिए अरदास की गई. इसमें बाबा गुरमुख सिंह, प्रधान डॉ. अमरजीत सिंह, भूपेंद्र सिंह, कमलजीत सिंह, हरेंद्र पाल सिंह, पतवंत सिंह, जगजीत सिंह, बाज सिंह, यशपाल सिंह और रंजीत सिंह सहित सिख समाज के कई लोग शामिल हुए.

इसके अलावा वार्ड संख्या-5 के पार्षद प्रतिनिधि अमरेंद्र सिंह, वार्ड संख्या-22 के पार्षद प्रतिनिधि संजीव सिंह और पिंटू सिंह सहित अन्य लोगों ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की.
सैकड़ों लोग अंतिम यात्रा में हुए शामिल
गम्हरिया से निकली अंतिम यात्रा में सैकड़ों की संख्या में समाज के लोग, सन्नी सिंह के समर्थक और शुभचिंतक शामिल हुए. बिष्टुपुर पार्वती घाट पर अंतिम संस्कार के दौरान भगवान सिंह, शैलेंद्र सिंह, गुरमुख सिंह मुखे, प्रदीप दंडपात, समाजसेवी रमेश तिवारी, दुर्गा तिवारी, भाजपा नेता अशोक सिंह, आशीष पति, झामुमो नेता बाबू तिवारी, शंकर मुखी, मंगल सिंह, रोबिन हांसदा, मनोज कुमार, जयंत सिंह, सहित विभिन्न राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग मौजूद रहे.

गौरतलब है कि अमृत कौर लंबे समय से बीमार चल रही थीं. पिछले दिनों ब्रेन स्ट्रोक आने के बाद उन्हें जमशेदपुर के TMH में भर्ती कराया गया था. बाद में उन्हें रांची के RIMS में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा था. परिजनों के अनुसार उनकी स्थिति में सुधार हो रहा था, लेकिन रविवार सुबह अचानक उनका निधन हो गया. वह अपने पीछे पति, पुत्र, पुत्री सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गई हैं. उनके निधन से गम्हरिया और आसपास के क्षेत्र में शोक का माहौल है. बड़ी संख्या में लोगों ने शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की.

