जामताड़ा: मिहिजाम नगर परिषद में सामुदायिक शौचालय निर्माण के लिए जारी निविदा प्रक्रिया सवालों के घेरे में आ गई है. निविदा प्रकाशित होने के बाद निर्माण स्थल के सत्यापन की जिम्मेदारी और प्रक्रिया को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. सवाल उठ रहे हैं कि जब निर्माण कार्य के लिए निविदा आमंत्रित की गई, तो क्या उससे पहले स्थल का चयन और सत्यापन नहीं किया गया था ? यदि स्थल चयन नहीं हुआ था, तो इसकी जिम्मेदारी नगर परिषद के अधिकृत अभियंता की है या फिर संवेदकों को ही निर्माण स्थल का सत्यापन करना होगा ?


दरअसल, मिहिजाम नगर परिषद कार्यालय की ओर से 26 अक्टूबर 2026 को आमंत्रण निविदा सूचना जारी की गई थी. एनआईटी संख्या 06/2026-27 के तहत कुल 28 लाख 11 हजार 509 रुपये की लागत से दो नौ-सीटर सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया जाना है. इसके लिए ऑनलाइन निविदा जमा करने की अंतिम तिथि 6 नवंबर सुबह 11 बजे तथा निविदा खोलने की तिथि 7 नवंबर सुबह 11 बजे निर्धारित की गई है.
निविदा के अनुसार, एक सामुदायिक शौचालय का निर्माण हटिया परिसर में किया जाना है. इसके लिए ई-टेंडर रेफरेंस संख्या NPM/F2/2026-27/02 निर्धारित है. वहीं, दूसरे सामुदायिक शौचालय के निर्माण के लिए मिहिजाम नगर परिषद क्षेत्र में किसी विशिष्ट स्थल का उल्लेख नहीं किया गया है. इसका ई-टेंडर रेफरेंस संख्या NPM/F2/2026-27/03 है.
संशोधन सूचना के बाद बढ़ा विवाद
मामले में नया मोड़ तब आया, जब नगर परिषद कार्यालय की ओर से 30 अक्टूबर को निविदा संशोधन सूचना जारी कर आवेदन करने वाले संवेदकों से साइट वेरिफिकेशन रिपोर्ट की मांग की गई. इसके बाद पाल बागान स्थित एलाइट कंस्ट्रक्शन की ओर से 2 नवंबर को कार्यपालक पदाधिकारी को आवेदन देकर साइट वेरिफिकेशन रिपोर्ट निर्गत करने का अनुरोध किया गया.
इसके जवाब में 3 नवंबर को नगर परिषद कार्यालय की ओर से एलाइट कंस्ट्रक्शन को पत्र प्राप्त हुआ. इसमें कहा गया कि संवेदक द्वारा किए गए साइट वेरिफिकेशन का जियोटैग फोटो अविलंब उपलब्ध कराया जाए. साथ ही लिखित रूप से यह भी प्रस्तुत किया जाए कि संवेदक साइट वेरिफिकेशन से संतुष्ट है. इसके बाद कार्यालय की ओर से साइट वेरिफिकेशन रिपोर्ट निर्गत की जाएगी.
नगर परिषद के इस पत्र के बाद पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े होने लगे हैं. आखिर निर्माण स्थल का चयन और सत्यापन नगर परिषद के अधिकृत अभियंता करेंगे या संवेदक ? क्या निविदा जारी करने से पहले निर्माण स्थल का भौतिक सत्यापन नहीं किया गया था ? यदि स्थल चयन की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई थी, तो निविदा में स्पष्ट स्थान का उल्लेख क्यों नहीं किया गया?
राकेश लाल ने उठाई पारदर्शिता की मांग
इन्हीं सवालों को लेकर एलाइट कंस्ट्रक्शन के प्रतिनिधि जनसेवा पार्टी के संयोजक राकेश लाल के पास पहुंचे. इसके बाद राकेश लाल ने प्रेस वार्ता कर नगर परिषद की कार्यशैली पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि निविदा प्रक्रिया में पारदर्शिता होनी चाहिए. निविदा प्रकाशित करने के बाद संवेदकों से साइट वेरिफिकेशन रिपोर्ट मांगना और फिर जियोटैग फोटो के साथ संतुष्टि का लिखित प्रमाण मांगना कई सवाल खड़े करता है.
उन्होंने मांग की कि वर्तमान निविदा प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए और पूरी प्रक्रिया की समीक्षा कर आवश्यक संशोधन के साथ पारदर्शी तरीके से दोबारा निविदा निकाली जाए, ताकि सभी संवेदक समान अवसर के साथ निविदा प्रक्रिया में भाग ले सकें.
पुराने शौचालयों का उपयोग नहीं, नए निर्माण की जरूरत पर भी सवाल
राकेश लाल ने नगर परिषद क्षेत्र में पहले से निर्मित सामुदायिक शौचालयों की उपयोगिता पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि मिहिजाम नगर परिषद क्षेत्र के अलग-अलग वार्डों में पूर्व में आधा दर्जन से अधिक सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया जा चुका है. कई वर्ष बीत जाने के बावजूद इनमें से अधिकांश शौचालयों का समुचित उपयोग नहीं हो रहा है. रखरखाव के अभाव में कई शौचालय जर्जर अवस्था में पहुंच गए हैं. ऐसे में नए शौचालयों के निर्माण पर राशि खर्च करने से पहले पुराने शौचालयों को उपयोग में लाने और उनकी मरम्मत कराने की जरूरत है.
एसडीओ ने कहा- शिकायत मिली है, मांगा जाएगा जवाब
इस संबंध में नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी से फोन पर संपर्क कर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया. हालांकि, उन्होंने फोन पर अपना पक्ष रखने के बजाय कार्यालय आकर जानकारी लेने की बात कही.
वहीं, अनुमंडल पदाधिकारी ने बताया कि इस मामले की शिकायत उनके पास भी आई है. कार्यपालक पदाधिकारी से बातचीत हुई है. मामले के तथ्यों से अवगत कराने के लिए पत्र जारी किया जा रहा है. जरूरत पड़ने पर जिले के उपायुक्त को भी पूरे मामले से अवगत कराया जाएगा.
रिपोर्ट: मनीष बरनवाल

