जमशेदपुर: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI जिस तेजी से दुनिया में कामकाज का तरीका बदल रहा है, उसी तकनीक को जमशेदपुर के सरकारी स्कूलों के बच्चों तक पहुंचाने की पहल शहर के महज 19 वर्षीय हर्षवर्धन शर्मा ने शुरू की है. पांच सदस्यीय टीम के साथ हर्षवर्धन विद्यार्थियों को AI की ट्रेनिंग दे रहे हैं, ताकि बदलती तकनीक के दौर में सरकारी स्कूलों के बच्चे भी पीछे न रहें.


इसी पहल को व्यापक स्वरूप देने के उद्देश्य से रविवार को जमशेदपुर में ‘AI Jamshedpur Hub’ की लॉन्चिंग की गई. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जमशेदपुर के एसएसपी डॉ. एहतेशाम वकारीब सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे. शहर के विभिन्न स्कूलों एवं कॉलेजों के प्राचार्य, छात्र- छात्राओं ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया. सेमिनार के दौरान AI के वर्तमान उपयोग, संभावनाओं और इससे जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा की गई.

हर्षवर्धन का लक्ष्य- सरकारी स्कूलों के बच्चों तक पहुंचे AI
हर्षवर्धन शर्मा का मानना है कि आने वाला समय AI आधारित तकनीक का है. नौकरी हो या कारोबार, लगभग हर क्षेत्र में AI की समझ युवाओं के लिए उपयोगी साबित होने वाली है. इसी सोच के साथ उनकी टीम सरकारी स्कूलों में जाकर विद्यार्थियों को AI के इस्तेमाल और इसकी संभावनाओं से परिचित करा रही है.

हर्षवर्धन ने कहा कि उनका लक्ष्य इस अभियान को केवल जमशेदपुर तक सीमित रखना नहीं है. आने वाले समय में इसे झारखंड के दूसरे हिस्सों तक पहुंचाने की योजना है, ताकि अधिक से अधिक युवा नई तकनीक सीखकर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर तलाश सकें.
पुलिसिंग में भी बढ़ रहा AI का इस्तेमाल: एसएसपी
कार्यक्रम में एसएसपी एहतेशाम वकारीब ने पुलिसिंग में AI की उपयोगिता पर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि आधुनिक पुलिसिंग में तकनीक और AI का इस्तेमाल कई कार्यों को आसान बनाने में सहायक हो रहा है. बदलते अपराध के तरीकों के साथ पुलिस के लिए भी नई तकनीक की जानकारी महत्वपूर्ण होती जा रही है. उन्होंने छात्र हर्षवर्धन एवं उनकी पूरी टीम को शुभकामनायें दीं.
फायदे के साथ चुनौतियों को समझना भी जरूरी: दिनेश रंजन
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद जियाडा के अधिकारी दिनेश रंजन ने AI के जिम्मेदार इस्तेमाल पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि AI जितना उपयोगी है, इसके गलत इस्तेमाल से उतनी ही चुनौतियां भी पैदा हो सकती हैं. इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि तकनीक का उपयोग किस उद्देश्य और किस तरीके से किया जा रहा है.
छोटी उम्र, बड़ा लक्ष्य
महज 19 वर्ष की उम्र में हर्षवर्धन शर्मा द्वारा सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को नई तकनीक से जोड़ने की यह कोशिश खास है. ‘AI Jamshedpur Hub’ के जरिए अब उनका लक्ष्य प्रशिक्षण के इस मॉडल को पूरे झारखंड तक पहुंचाने का है. हालांकि AI प्रशिक्षण से सीधे बेरोजगारी खत्म होने का दावा करना जल्दबाजी होगी, लेकिन युवाओं को बदलती तकनीक के अनुरूप कौशल देना उनके लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसरों के रास्ते जरूर खोल सकता है.

