जामताड़ा: मिहिजाम नगर परिषद के विकास के दावों की जमीनी हकीकत देखनी हो तो कांगोई के वार्ड संख्या 18 स्थित शिव मंदिर गली पहुंचना काफी है. यहां विकास की तस्वीर सड़क पर जमा पानी के बीच दम तोड़ती नजर आती है. मुख्य सड़क तक पहुंचने वाला रास्ता तालाब में तब्दील हो चुका है. हालात ऐसे हैं कि लोगों को अपने घरों से बाहर निकलने के लिए भी पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है. सबसे बड़ी विडंबना यह है कि यह वार्ड नगर परिषद के उपाध्यक्ष महावीर राय का है. इसके बावजूद यहां के लोग वर्षों से जलजमाव की समस्या से जूझ रहे हैं.


लगातार बारिश के बाद शिव मंदिर गली की सड़क पूरी तरह जलमग्न हो गई है. महज दो दिनों की बारिश ने आवागमन की व्यवस्था की पोल खोल दी है. सड़क पर पानी जमा होने से पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि जब शुरुआती बारिश में ही सड़क का यह हाल है, तो मानसून के दौरान स्थिति कितनी भयावह होगी, इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है. बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है.
स्थानीय निवासी रामचंद्र ठाकुर, बासुदेव विंद, मदन कुमार, आमोद कुमार और शंकर चौधरी ने बताया कि घर से निकलते ही मुख्य सड़क तक पहुंचने का रास्ता पानी से भरा मिलता है. जरूरी काम से बाहर निकलना भी किसी चुनौती से कम नहीं है. कई बार नगर परिषद प्रशासन को समस्या से अवगत कराया गया.समाधान के लिए बैठकें भी हुईं, लेकिन अब तक न जलनिकासी की व्यवस्था हुई और न ही सड़क की स्थिति में सुधार आया.
न उपाध्यक्ष के पास फंड, न नाला बनाने के लिए जमीन
इस मामले में नगर परिषद उपाध्यक्ष महावीर राय ने अपनी बेबसी जाहिर करते हुए कहा कि नगर परिषद के पास फिलहाल फंड उपलब्ध नहीं है. इसके अलावा जलनिकासी के लिए नाला निर्माण कराने के उद्देश्य से जमीन भी उपलब्ध नहीं है. ऐसे में समस्या का समाधान करना चुनौती बना हुआ है.
वहीं, नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी गोपेश कुंभकार ने भी जलजमाव की समस्या के पीछे जमीन की अनुपलब्धता को प्रमुख कारण बताया. उन्होंने कहा कि संबंधित मोहल्ले में नाली निर्माण के लिए जमीन नहीं छोड़ी गई है. जमीन अधिग्रहण करने के बाद मुआवजा भुगतान के लिए भी नगर परिषद के पास किसी तरह का फंड उपलब्ध नहीं है.
कार्यपालक पदाधिकारी ने बताया कि पूर्व में मोहल्ले के निवासियों के साथ बैठक कर जलनिकासी के लिए जमीन उपलब्ध कराने पर चर्चा की गई थी, लेकिन बैठक बेनतीजा रही. अब छठ पूजा के बाद इस मुद्दे पर दोबारा प्राथमिकता के आधार पर बैठक आयोजित की जाएगी और समस्या का समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा.
सवाल: हर बारिश में डूबेगी सड़क, बैठक के भरोसे रहेंगे लोग?
नगर परिषद के उपाध्यक्ष और कार्यपालक पदाधिकारी के बयानों से साफ है कि जलजमाव की समस्या का समाधान फिलहाल जमीन और फंड की कमी के बीच उलझा हुआ है. एक ओर स्थानीय लोग नारकीय स्थिति से परेशान हैं, तो दूसरी ओर नगर परिषद के पास न नाला निर्माण के लिए जमीन है और न जमीन अधिग्रहण के लिए मुआवजे का बजट. ऐसे में सवाल उठता है कि जब समस्या वर्षों से बनी हुई है, तो अब तक इसका स्थायी समाधान क्यों नहीं निकाला जा सका ? क्या हर बारिश में वार्ड के लोगों को इसी तरह जलजमाव झेलना पड़ेगा और समाधान के नाम पर सिर्फ बैठकों का भरोसा मिलता रहेगा ? स्थानीय लोगों ने नगर परिषद से ठोस पहल कर जलनिकासी और सड़क मरम्मत की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है.
रिपोर्ट: मनीष बरनवाल

