चांडिल: राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत संचालित ‘गिफ्ट ऑफ लाइफ’ कार्यक्रम के अंतर्गत ईचागढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र में शून्य से 18 वर्ष आयु वर्ग के 12 बच्चों को हृदय संबंधी लक्षणों के आधार पर चिन्हित किया गया है. इनमें से चार बच्चों को शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सहयोग से जांच के लिए रांची स्थित रिम्स भेजा गया. शेष आठ बच्चों को अगले शिविर में भेजा जाएगा.


प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. एचएस मुंडा ने बताया कि झारखंड में जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित जरूरतमंद बच्चों को निशुल्क जांच और इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है. डॉ. रवि सिंह ने बताया कि यह कार्यक्रम अमृता अस्पताल, कोच्चि के सहयोग से राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत संचालित किया जा रहा है.
इन लक्षणों वाले बच्चों की होगी जांच
कार्यक्रम के तहत जन्म से हृदय में छेद होने की आशंका, दिल की धड़कन तेज या अनियमित होना, सांस फूलना या जल्दी थक जाना, बार-बार निमोनिया अथवा सांस संबंधी समस्या, उम्र के अनुसार वजन और शारीरिक विकास कम होना, ऑक्सीजन की कमी के कारण होंठ या नाखून नीले पड़ना सहित अन्य हृदय संबंधी लक्षण वाले बच्चों की जांच की जाएगी. जांच के बाद चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार आगे के इलाज की प्रक्रिया निर्धारित की जाएगी. इस मौके पर डॉ. एचएस मुंडा, डॉ. रवि सिंह, डॉ. अनुपम घोषाल, मुचिराम सिंह मुंडा और लक्ष्मी हांसदा समेत अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद थे.

