आदित्यपुर: सरायकेला- खरसावां जिले के आदित्यपुर में करीब दो वर्ष पूर्व अस्तित्व में आए नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल ने मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है. एमबीबीएस की मान्यता मिलने के करीब एक वर्ष के भीतर कॉलेज में उपलब्ध 200 एमबीबीएस सीटों पर नामांकन पूरा हो गया है. प्रबंधन इसे संस्थान के इंफ्रास्ट्रक्चर, चिकित्सा सुविधाओं और मेडिकल शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम मान रहा है.


यह उपलब्धि ऐसे समय में महत्वपूर्ण मानी जा रही है जब देश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की कई सीटें खाली रहने की खबरें सामने आई हैं. इसके बावजूद नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में निर्धारित सभी 200 सीटों का भर जाना संस्थान के प्रति विद्यार्थियों के रुझान को दर्शाता है.
पूरी टीम की मेहनत का परिणाम: मदन मोहन सिंह
नेताजी सुभाष ग्रुप के चेयरमैन मदन मोहन सिंह ने उपलब्धि पर खुशी जताते हुए इसका श्रेय कॉलेज एवं अस्पताल के चिकित्सकों, शिक्षकों और पूरी टीम को दिया. उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य केवल एमबीबीएस की सीटें भरना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण मेडिकल शिक्षा और बेहतर क्लिनिकल एक्सपोजर उपलब्ध कराना है. हमारा प्रयास नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल को देश के नामचीन मेडिकल संस्थानों की श्रेणी में लाने का है और इसके लिए हमारी पूरी टीम लगातार काम कर रही है.”
श्री सिंह ने कहा कि यह देखकर खुशी होती है कि कॉलेज में केवल झारखंड ही नहीं, बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों से छात्र-छात्राएं मेडिकल शिक्षा हासिल करने पहुंच रहे हैं. उन्होंने कहा कि संस्थान आने वाले समय में चिकित्सा शिक्षा के साथ मरीजों को उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं को भी और मजबूत करने की दिशा में काम करेगा.
आदित्यपुर में मेडिकल शिक्षा का नया केंद्र
गौरतलब है कि आदित्यपुर में स्थापित नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल ने कम समय में अपने शैक्षणिक एवं चिकित्सकीय आधारभूत ढांचे का विस्तार किया है. एमबीबीएस की 200 सीटों पर पूर्ण नामांकन के बाद अब संस्थान के सामने गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा, क्लिनिकल प्रशिक्षण और स्वास्थ्य सेवाओं के स्तर को लगातार बेहतर बनाए रखने की चुनौती और जिम्मेदारी दोनों बढ़ गई हैं.
प्रबंधन का कहना है कि आने वाले वर्षों में संस्थान को मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के उद्देश्य से सुविधाओं और शैक्षणिक गुणवत्ता को लगातार विकसित किया जाएगा.

