खरसावां: प्रखंड के पदमपुर में प्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक काली पूजा की तैयारियां शुरू हो गई हैं. शरद एवं कुमार पूर्णिमा के अवसर पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना और माटी पूजन कर मां काली की प्रतिमा निर्माण का शुभारंभ किया गया. परंपरा के अनुसार ‘माटी पोका’ की रस्म पूरी होने के बाद प्रतिमा निर्माण की प्रक्रिया शुरू की गई.


पदमपुर की काली पूजा क्षेत्र में अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा के लिए जानी जाती है. हर वर्ष पूजा के दौरान आसपास के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां काली के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार कुमार पूर्णिमा पर प्रतिमा निर्माण के लिए माटी पूजन का विशेष महत्व है.
माटी पूजन के साथ ही पूजा आयोजन की अन्य तैयारियों ने भी गति पकड़ ली है. आने वाले दिनों में प्रतिमा निर्माण के साथ पूजा-पाठ एवं अन्य धार्मिक कार्यक्रमों की तैयारियां पूरी की जाएंगी. आयोजन में क्षेत्र के विभिन्न गांवों के लोगों की भागीदारी रहती है, जिससे सामाजिक मेल-मिलाप और पारंपरिक संस्कृति को भी बढ़ावा मिलता है.
इस अवसर पर पुजारी बिमला सारंगी, अश्वनी आचार्य, पूजा कमेटी के अध्यक्ष सुब्रत सिंह देव, अजित सिंह देव, चुनी मंडल, सुकरू मंडल, कलिआ साहू, जन्मेजय गोप, बुधु मंडल सहित अन्य श्रद्धालु उपस्थित थे.

