ईचागढ़: विधानसभा चुनाव अभी दूर है, लेकिन ईचागढ़ की राजनीति में अभी से नई शुगबुगाहट शुरू हो गई है. चौक-चौराहों से लेकर राजनीतिक बैठकों तक इन दिनों एक सवाल तेजी से तैर रहा है- क्या हरेलाल महतो आने वाले समय में आजसू को अलविदा कह सकते हैं ?


इस चर्चा के केंद्र में आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश महतो को लेकर चल रही वह अटकल है, जिसमें उनके अगले विधानसभा चुनाव में ईचागढ़ से मैदान में उतरने की संभावना जताई जा रही है. हालांकि आजसू ने न तो ईचागढ़ के लिए किसी प्रत्याशी की घोषणा की है और न ही सुदेश महतो की संभावित उम्मीदवारी को लेकर कोई आधिकारिक निर्णय सामने आया है. इसलिए फिलहाल यह स्थानीय राजनीतिक हलकों में चल रही चर्चा ही है.
दूसरी तरफ हरेलाल महतो भी आजसू छोड़ने का कोई सार्वजनिक ऐलान नहीं कर चुके हैं. उपलब्ध चुनावी रिकॉर्ड में वे 2024 में ईचागढ़ से आजसू प्रत्याशी थे.
दो चुनाव लड़े हरेलाल, दोनों बार नहीं मिली मंजिल
हरेलाल महतो के लिए ईचागढ़ कोई नया राजनीतिक मैदान नहीं है. उन्होंने 2019 में आजसू के टिकट पर चुनाव लड़ा और 38,836 वोट हासिल किए थे. 2024 में आजसू ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताया. इस बार उनका मत बढ़कर 51,029 हो गया, लेकिन झामुमो की सविता महतो ने 77,552 वोट हासिल कर सीट अपने पास रखी. दोनों के बीच 26,523 मतों का अंतर रहा.
यहीं से मौजूदा चर्चा दिलचस्प हो जाती है. हरेलाल के समर्थकों के बीच सवाल उठ रहा है कि यदि भविष्य में आजसू नेतृत्व ईचागढ़ को लेकर कोई दूसरा राजनीतिक फैसला करता है तो हरेलाल की भूमिका क्या होगी ? क्या वे संगठन में किसी नई जिम्मेदारी के साथ बने रहेंगे या उनके सामने दूसरे राजनीतिक विकल्प खुलेंगे ? फिलहाल इन सवालों का जवाब पार्टी और हरेलाल- दोनों की ओर से आना बाकी है.
पुराने चेहरों की सक्रियता ने भी बढ़ाई चर्चा
इस बीच आजसू के पुराने नेताओं और कार्यकर्ताओं की गतिविधियों को लेकर भी ईचागढ़ में चर्चाओं का बाजार गर्म है. पार्टी से अलग हो चुके कुछ पुराने चेहरों के दोबारा नजदीक आने की बातें स्थानीय राजनीतिक हलकों में कही जा रही हैं.
2024 के विधानसभा चुनाव में आजसू से अलग होकर चुनाव लड़ चुके एक नेता को हाल के एक धार्मिक कार्यक्रम में सुदेश महतो के साथ मंच साझा करते देखे जाने के बाद इन चर्चाओं को और हवा मिली है. लेकिन मंच साझा करना अपने आप में किसी नेता की पार्टी में वापसी का प्रमाण नहीं है. संबंधित नेता अथवा आजसू की ओर से वापसी की कोई औपचारिक घोषणा सामने नहीं आई है.
हरेलाल की अगली राह को लेकर कई नाम, फैसला कोई नहीं
हरेलाल महतो के संभावित अगले कदम को लेकर भाजपा का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है. वहीं स्थानीय राजनीतिक चर्चाओं में झामुमो और झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा का नाम भी लिया जा रहा है. जेएलकेएम नेता जयराम महतो और हरेलाल महतो के बीच कथित मुलाकात की बात भी कही जा रही है, लेकिन ऐसी किसी राजनीतिक बैठक की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है.
ऐसे में किसी एक पार्टी को हरेलाल की अगली मंजिल बताना अभी जल्दबाजी होगी. महत्वपूर्ण तथ्य यही है कि हरेलाल महतो फिलहाल सार्वजनिक रूप से आजसू के साथ हैं और 2024 के चुनावी दस्तावेज भी उन्हें आजसू प्रत्याशी के रूप में दर्ज करते हैं.
2024 के आंकड़े बताते हैं क्यों अहम है ईचागढ़
पिछले विधानसभा चुनाव में ईचागढ़ में झामुमो की सविता महतो को 77,552 और आजसू के हरेलाल महतो को 51,029 मत मिले थे. तीसरे प्रमुख दावेदार के रूप में जेएलकेएम के तरुण महतो भी मैदान में थे. आधिकारिक जिला निर्वाचन रिकॉर्ड में सविता महतो, हरेलाल महतो और तरुण महतो तीनों की उम्मीदवारी दर्ज है.
इसलिए ईचागढ़ में अभी कहानी किसी दल-बदल की नहीं, बल्कि बनते-बिगड़ते राजनीतिक समीकरणों और बढ़ती अटकलों की है. सुदेश महतो की उम्मीदवारी की चर्चा सच में पार्टी की रणनीति का हिस्सा है या केवल राजनीतिक कयास, और हरेलाल महतो अपनी अगली राजनीतिक पारी किस तरह तय करते हैं- इन दोनों सवालों का जवाब संबंधित नेताओं तथा पार्टी के आधिकारिक फैसलों से ही मिलेगा.
रिपोर्ट: विपिन वार्ष्णेय

