आदित्यपुर: मदन मोहन नगर स्थित मदन मोहन पब्लिक स्कूल ने स्थापना के पहले ही वर्ष में बड़ी शैक्षणिक उपलब्धि हासिल की है. विद्यालय को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से दसवीं कक्षा तक की मान्यता मिल गई है. स्कूल प्रबंधन के अनुसार सभी आवश्यक प्रक्रियाओं और निर्धारित मानकों को पूरा करते हुए सीबीएसई से मान्यता के लिए आवेदन किया गया था. पहले ही प्रयास में विद्यालय को मान्यता प्राप्त हुई है.


विद्यालय में फिलहाल नर्सरी से लेकर प्लस टू तक की पढ़ाई के लिए आधारभूत और शैक्षणिक व्यवस्था विकसित की गई है. सीबीएसई से अभी दसवीं तक की मान्यता मिली है. प्रबंधन के अनुसार अब अगला लक्ष्य प्लस टू तक की मान्यता हासिल करना है और इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन किया जाएगा.
शिक्षा के क्षेत्र में समूह का एक और संस्थान
मदन मोहन पब्लिक स्कूल का संचालन सितवांतो देवी महिला कल्याण समिति द्वारा किया जा रहा है. संस्था के अनुसार शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में संचालित उसके संस्थानों की श्रृंखला में यह नया अध्याय जुड़ा है.
समूह द्वारा नेताजी सुभाष पब्लिक स्कूल, नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी, बिहटा (पटना) स्थित नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल तथा आदित्यपुर में नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल संचालित किए जा रहे हैं. इसके अलावा रांची में एक नए मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की आधारशिला रखी जा चुकी है. प्रबंधन का लक्ष्य अगले वर्ष से वहां अस्पताल की सेवाएं शुरू करने का है.
चेयरमैन ने पूरी टीम को दिया उपलब्धि का श्रेय
नेताजी सुभाष ग्रुप के चेयरमैन मदन मोहन सिंह ने सीबीएसई से मान्यता मिलने पर प्रसन्नता जताते हुए इसका श्रेय स्कूल की पूरी टीम को दिया. उन्होंने कहा कि कम समय में आवश्यक प्रक्रियाओं को पूरा करना सामूहिक प्रयास का परिणाम है. शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मचारी और प्रबंधन ने इसके लिए लगातार काम किया है. मदन मोहन सिंह ने कहा, “हमारा उद्देश्य केवल विद्यालय का संचालन करना नहीं, बल्कि बच्चों को ऐसी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है, जो उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार कर सके.” उन्होंने कहा कि विद्यालय को आधुनिक शिक्षा के साथ अनुशासन, खेलकूद और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर केंद्रित संस्थान के रूप में विकसित किया जाएगा.
आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों तक भी शिक्षा पहुंचाने का लक्ष्य
चेयरमैन ने कहा कि आसपास के क्षेत्रों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना विद्यालय की प्राथमिकताओं में शामिल है. आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के प्रतिभाशाली बच्चों को भी बेहतर शिक्षा से जोड़ने की दिशा में प्रबंधन अपनी क्षमता के अनुरूप सहयोग की व्यवस्था विकसित करेगा.
उन्होंने कहा कि आर्थिक संसाधनों की कमी किसी प्रतिभाशाली विद्यार्थी की शिक्षा में बाधा न बने, इस सोच के साथ विद्यालय आगे बढ़ेगा. सीबीएसई से दसवीं तक की मान्यता मिलने के बाद अब प्रबंधन का अगला कदम प्लस टू स्तर की मान्यता के लिए निर्धारित औपचारिकताएं पूरी करना होगा.
रिपोर्ट: विपिन वार्ष्णेय

