सरायकेला: मध्याह्न भोजन योजना के संचालन में अब भुगतान व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया जा रहा है. सरायकेला प्रखंड संसाधन केंद्र में आयोजित बैठक में प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी (बीईईओ) दिनेश कुमार दंडपात ने विद्यालय प्रभारियों को योजना की नई प्रक्रिया एवं भुगतान व्यवस्था की विस्तृत जानकारी दी.


नई व्यवस्था के तहत अब कुकिंग कॉस्ट की राशि सरस्वती वाहिनी संचालन समिति के खाते में नहीं भेजी जाएगी, बल्कि एसएनए स्पर्श (SNA-SPARSH) व्यवस्था के तहत सीधे वेंडर के खाते में भुगतान किया जाएगा. इसके लिए प्रत्येक विद्यालय को अपना वेंडर बनाना अनिवार्य होगा.
बीईईओ दिनेश कुमार दंडपात ने बताया कि खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए विद्यालय स्तर पर बाहरी वेंडर का चयन किया जाएगा. चयनित वेंडर द्वारा तेल, मसाला, दाल समेत अन्य आवश्यक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी. वहीं एलपीजी गैस सिलेंडर और हरी सब्जी की व्यवस्था के लिए रसोइया अथवा संयोजिका को ही वेंडर बनाया जाएगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि अंडा एवं फल की राशि पूर्व की तरह सरस्वती वाहिनी संचालन समिति के खाते में ही भेजी जाएगी. विद्यालय प्रभारियों को वेंडर चयन से संबंधित आवश्यक दस्तावेज जल्द से जल्द प्रखंड संसाधन केंद्र कार्यालय में जमा करने का निर्देश दिया गया है.
स्कूलों के अन्य कार्यों पर भी सख्ती
बैठक के दौरान बीईईओ ने विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों एवं मध्याह्न भोजन योजना से जुड़े कार्यों को लेकर भी सख्त निर्देश दिए. उन्होंने विद्यालय प्रभारियों को प्रतिदिन छात्र उपस्थिति, शिक्षक उपस्थिति, एमडीएम एसएमएस, स्प्लिट सिलेबस, विद्यालय प्रबंधन समिति का पुनर्गठन, एसएचवीआर, एनीमिया प्रतिवेदन तथा एनआईएलपी से संबंधित कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा करने को कहा. उन्होंने कहा कि योजनाओं के बेहतर संचालन के लिए विद्यालय स्तर पर रिकॉर्ड, दस्तावेज एवं रिपोर्टिंग व्यवस्था दुरुस्त रहना आवश्यक है. किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी निर्धारित कार्य समय पर पूरे करने होंगे. बैठक में प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी पंकज कुमार महतो, मध्याह्न भोजन योजना कोषांग के राजाराम महतो सहित सरायकेला प्रखंड के मध्याह्न भोजन योजना संचालित विद्यालयों के प्रभारी उपस्थित थे.

