सरायकेला: जिले में जरूरतमंद मरीजों को समय पर पर्याप्त रक्त उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन ने स्वैच्छिक रक्तदान अभियान को व्यापक और नियमित बनाने की दिशा में पहल तेज कर दी है. मंगलवार को जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में उनके कार्यालय प्रकोष्ठ में महत्वपूर्ण बैठक हुई. इसमें सिविल सर्जन डॉ. सरयू प्रसाद राय, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक, रेड क्रॉस सोसाइटी के सचिव सहित समिति के सदस्य मौजूद रहे.


बैठक में जिले की वर्तमान रक्त संग्रहण व्यवस्था की समीक्षा की गई. उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि रक्तदान शिविरों को केवल विशेष अवसरों तक सीमित रखने के बजाय नियमित व्यवस्था विकसित की जाए, ताकि जरूरत के समय रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके.
पुलिस, सशस्त्र बल और होमगार्ड भी जुड़ेंगे अभियान से
पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय को निर्देश दिया गया कि उनके पर्यवेक्षण में जिला पुलिस बल, सशस्त्र बल और होमगार्ड के जवानों के लिए निर्धारित अंतराल पर नियमानुसार रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएं. जवानों को स्वैच्छिक एवं सुरक्षित रक्तदान के लिए प्रेरित कर अभियान में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा गया.
औद्योगिक संस्थानों का बनेगा रोस्टर
जिले के औद्योगिक संस्थानों को भी अभियान से बड़े स्तर पर जोड़ा जाएगा. प्रशासन संस्थानवार रोस्टर तैयार कर नियमित अंतराल पर रक्तदान शिविर आयोजित कराएगा. संबंधित उद्योगों के कर्मचारियों और कामगारों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित करने का निर्देश दिया गया है.
विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में भी रक्तदान के महत्व और मानवीय उपयोगिता को लेकर जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी. विद्यार्थियों को रक्तदान के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने के साथ अपने परिवार और समाज के पात्र लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया जाएगा.
जिला से प्रखंड तक चलेगा नियमित अभियान
उपायुक्त ने जिला एवं प्रखंड स्तर पर सामाजिक संगठनों, संस्थानों और अन्य हितधारकों के सहयोग से चरणबद्ध कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया. प्रत्येक रक्तदान शिविर और जागरूकता कार्यक्रम का रिकॉर्ड रखा जाएगा. रक्त संग्रहण की प्रगति की नियमित समीक्षा भी की जाएगी.
उपायुक्त की अपील- रक्तदान के लिए आगे आएं लोग
उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने कहा कि रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प नहीं है. जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने में स्वैच्छिक रक्तदाताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है. उन्होंने स्वस्थ एवं पात्र नागरिकों, युवाओं, सामाजिक संगठनों, औद्योगिक एवं शैक्षणिक संस्थानों से स्वैच्छिक रक्तदान अभियान से जुड़ने की अपील की. साथ ही अपने परिवार, मित्रों और आसपास के लोगों को भी रक्तदान के लिए प्रेरित करने को कहा. उन्होंने कहा कि नियमित स्वैच्छिक रक्तदान से जरूरतमंद मरीजों की जान बचाने के साथ समाज में मानवीय सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत किया जा सकता है.
रिपोर्ट: विपिन वार्ष्णेय

