जमशेदपुर: मानगो के संकोसाईं रोड नंबर पांच की रहने वाली महिला सुलेखा गोप ने सीतारामडेरा थाना क्षेत्र स्थित एक निजी बैंक से रोजगार के लिए 55 हजार रुपये का लोन लिया था. महिला के अनुसार, उसे दो साल में लोन की राशि चुकानी थी. इसी बीच उसकी एक किस्त बाउंस हो गई. आरोप है कि गुरुवार को बैंक के रिकवरी एजेंट उसके घर पहुंचे और उसे अपने साथ बैंक ले गए, जहां उसे कथित रूप से बंधक बनाकर रखा गया.


मामले की जानकारी महिला के परिजनों ने युवा नेता शुभम राज को दी. सूचना मिलते ही शुभम राज बैंक पहुंचे और महिला को वहां से बाहर निकाला. उन्होंने घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए पुलिस से मामले की जांच और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.
RBI के दिशानिर्देशों के मुताबिक कर्ज की वसूली के दौरान बैंक और उनके एजेंट किसी व्यक्ति के खिलाफ धमकी, अनुचित उत्पीड़न या बल प्रयोग जैसे तरीके नहीं अपना सकते. ऋण वसूली कानूनी प्रक्रिया और निर्धारित नियमों के तहत ही की जानी चाहिए. ऐसे में यदि महिला को उसकी इच्छा के विरुद्ध बैंक ले जाने और वहां रोककर रखने का आरोप सही पाया जाता है तो मामला गंभीर है और इसकी पुलिस एवं संबंधित बैंक प्रबंधन के स्तर से जांच जरूरी है.
फिलहाल महिला सुरक्षित है. वहीं बैंक के अधिकारियों से मामले में पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया. महिला द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.

