जामताड़ा: जिले में डिजिटल क्रॉप सर्वे को लेकर बुधवार को जिला कृषि कार्यालय सभागार में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. जिला कृषि पदाधिकारी अनूप कुमार हेंब्रम के नेतृत्व में आयोजित प्रशिक्षण में जिले के सभी प्रखंडों के प्रखंड कृषि पदाधिकारी, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक, सहायक तकनीकी प्रबंधक, जनसेवक, सीएससी संचालक, कृषक मित्र और डिजिटल क्रॉप सर्वे से जुड़े सर्वेयर शामिल हुए.


प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनरों ने डिजिटल क्रॉप सर्वे की आवश्यकता, उपयोगिता, सर्वे की प्रक्रिया और तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी. प्रतिभागियों को मोबाइल एप के माध्यम से खेत और फसल से संबंधित आंकड़ों को सही तरीके से दर्ज करने की प्रक्रिया समझायी गयी. अधिकारियों ने बताया कि डिजिटल क्रॉप सर्वे का मुख्य उद्देश्य खेतों और फसलों से संबंधित वास्तविक और अद्यतन आंकड़े डिजिटल रूप से तैयार करना है. इससे कृषि योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और किसानों को योजनाओं का लाभ पहुंचाने में मदद मिलेगी.
1136 गांवों में 12,08,836 प्लॉट का सर्वे
जिले में डिजिटल क्रॉप सर्वे के लिए कुल 12,08,836 प्लॉट का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इसके तहत जिले के 1136 गांवों में सर्वे कराया जाना है. प्रखंडवार लक्ष्य के अनुसार जामताड़ा में 2,32,344, फतेहपुर में 1,94,331, करमाटांड़ में 1,10,654, कुंडहित में 1,98,028, नाला में 2,70,498 और नारायणपुर में 2,02,981 प्लॉट का सर्वे किया जाना है.
सावधानी और पारदर्शिता से सर्वे पूरा करने का निर्देश
जिला कृषि पदाधिकारी अनूप कुमार हेंब्रम ने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे कृषि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण पहल है. इससे खेतों और फसलों से संबंधित सही और अद्यतन जानकारी डिजिटल रूप में उपलब्ध होगी. उन्होंने सभी संबंधित कर्मियों को सर्वे कार्य में पूरी सावधानी और पारदर्शिता बरतने तथा निर्धारित लक्ष्य को समय पर पूरा करने का निर्देश दिया.

प्रशिक्षण कार्यक्रम में उप परियोजना निदेशक आत्मा संजय कुमार सिंह, कृषि निरीक्षक इंदु शेखर पोद्दार, मास्टर ट्रेनर सोमेन, सीएससी जिला समन्वयक उत्पल दे, जिला मास्टर ट्रेनर सुजीत कुमार सिंह और विजय कुमार समेत अन्य कर्मी मौजूद थे.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल

