रांची: प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितता और परीक्षा प्रक्रिया को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों और राज्य सरकार के बीच शनिवार को दूसरे दौर की वार्ता भी बेनतीजा रही. मोरहाबादी स्थित राजकीय अतिथिशाला में आयोजित बैठक में सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन किसी ठोस सहमति पर बात नहीं बन सकी.



वार्ता के बाद छात्र प्रतिनिधियों ने स्पष्ट कर दिया कि उनकी मुख्य मांग पूरी परीक्षा को रद्द करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की है. छात्रों का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं और केवल आश्वासन से उनकी समस्या का समाधान नहीं होगा. सरकार को इस मामले में ठोस निर्णय लेना होगा.
छात्र प्रतिनिधियों ने कहा कि वे अपनी मांग से पीछे हटने वाले नहीं हैं. जब तक उनकी मांग पर स्पष्ट फैसला नहीं होता, तब तक धरना और आंदोलन जारी रहेगा.
*10 अगस्त को विधानसभा घेराव को लेकर छात्र अड़े*
दूसरे दौर की वार्ता विफल होने के बाद छात्रों ने 10 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा घेराव का कार्यक्रम भी जारी रखने का ऐलान किया है. छात्रों का कहना है कि विधानसभा घेराव शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा और इसके माध्यम से सरकार तक अपनी मांग मजबूती से पहुंचाई जाएगी.
छात्रों ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता युवाओं के भविष्य से जुड़ा सवाल है. इसलिए सरकार को पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए छात्रों की मांगों पर तत्काल निर्णय लेना चाहिए.
फिलहाल दूसरे दौर की वार्ता भी बेनतीजा रहने के बाद सरकार और आंदोलनरत छात्रों के बीच गतिरोध बरकरार है. अब सभी की नजर 10 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा घेराव पर टिकी है.





