गम्हरिया: प्रखंड के दुग्धा पंचायत अंतर्गत रामजीवनपुर गांव में निर्माणाधीन सड़क को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. सड़क निर्माण के मुद्दे पर ग्रामीण अब दो गुटों में बंट गए हैं. एक पक्ष जहां सड़क निर्माण का विरोध कर रहा है, वहीं दूसरे पक्ष ने सड़क निर्माण के समर्थन में मोर्चा खोल दिया है. दोनों पक्ष अपने- अपने दावों के समर्थन में तर्क और दस्तावेज पेश कर रहे हैं.



सोमवार को पहले पक्ष के ग्रामीणों ने प्रखंड कार्यालय पहुंचकर सड़क निर्माण का विरोध करते हुए आरोप लगाया था कि सड़क बनने से वर्षों पुराना नाला अवरुद्ध हो जाएगा, जिससे खेतों की सिंचाई प्रभावित होगी. ग्रामीणों का कहना था कि इसी नाले के माध्यम से तालाब का पानी खेतों तक पहुंचता है. इस विरोध प्रदर्शन को स्थानीय मुखिया का भी समर्थन मिला था. ग्रामीणों ने प्रशासन से निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने की मांग की थी.
वहीं मंगलवार को दूसरे पक्ष के ग्रामीण भारी बारिश के बीच एकजुट होकर सामने आए और पहले पक्ष के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया. उपमुखिया दिलीप कुमार महतो और वार्ड सदस्य सुहागी देवी के समर्थन वाले इस गुट ने दावा किया कि जिस स्थान को नाला बताया जा रहा है, उसका कहीं भी राजस्व नक्शे या सरकारी अभिलेख में उल्लेख नहीं है. ग्रामीणों ने संबंधित दस्तावेज भी प्रस्तुत किए.
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सोमवार को अंचल कार्यालय से अमीन भूमि मापी के लिए पहुंचे थे, लेकिन कुछ असामाजिक तत्वों ने भोले- भाले ग्रामीणों को गुमराह कर प्रखंड कार्यालय ले जाकर प्रदर्शन कराया. उनका कहना है कि विकास कार्य को जानबूझकर बाधित करने की कोशिश की जा रही है.
मौके पर मौजूद एक बुजुर्ग महिला ने कहा कि विवाह के बाद जब से वह इस गांव में आई हैं, तब से उक्त स्थान रास्ता ही रहा है, न कि नाला. उन्होंने कहा कि गांव में सिंचाई को लेकर कभी कोई समस्या नहीं हुई है.
सड़क निर्माण के समर्थन में उतरे ग्रामीणों ने कहा कि जहां भी सड़क बनती है, वहां जल निकासी की समुचित व्यवस्था भी की जाती है. ऐसे में सुदूर क्षेत्र के लोगों को बेहतर सड़क सुविधा से वंचित करना उचित नहीं है. फिलहाल गांव में सड़क निर्माण को लेकर दोनों पक्ष आमने- सामने हैं और अब प्रशासन की जांच तथा निर्णय पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं.





