आदित्यपुर: ब्राउन शुगर तस्करी को लेकर पिछले कुछ समय से आलोचनाओं का सामना कर रही आदित्यपुर थाना पुलिस ने मंगलवार को ऐसी कार्रवाई की, जिसने न सिर्फ आलोचकों को जवाब दिया, बल्कि कोल्हान में ड्रग्स के खिलाफ अभियान का नया रिकॉर्ड भी कायम कर दिया. सरायकेला- खरसावां के पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गियारी के निर्देशन में सोमवार से बेहद गोपनीय तरीके से चलाए गए अभियान में आदित्यपुर पुलिस ने मुस्लिम बस्ती और राम मड़ैया बस्ती में एक साथ दबिश देकर ब्राउन शुगर तस्करी से जुड़ी अब तक की सबसे बड़ी नकद बरामदगी की.



पुलिस ने कुख्यात ब्राउन शुगर तस्कर एवं फरार आरोपी जावेद अंसारी उर्फ लालटू के ठिकाने को चारों ओर से घेर लिया. हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले लालटू और उसका एक सहयोगी छत से कूदकर फरार होने में सफल रहे. भागने की जल्दबाजी में आरोपियों ने ब्राउन शुगर के कारोबार से जुटाए गए 7 लाख 59 हजार 650 रुपये छत से नीचे फेंक दिए, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया.
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आजाद अंसारी को गिरफ्तार किया, जिसके पास से 20 पुड़िया ब्राउन शुगर बरामद हुई. पुलिस के अनुसार आजाद पहले भी ब्राउन शुगर तस्करी के मामले में जेल जा चुका है और उसके तार जुगसलाई तथा कपाली तक जुड़े बताए जा रहे हैं. उसकी लंबे समय से तलाश की जा रही थी.

सूत्रों के अनुसार पुलिस की योजना इससे भी बड़े नेटवर्क को पकड़ने की थी, लेकिन कार्रवाई की सूचना समय से पहले सोशल मिडिया में सार्वजनिक हो जाने के कारण कई बड़े तस्कर ठिकाना बदलने में सफल रहे. बताया जा रहा है कि गोपनीयता लीक होने के कारण एक बड़ी डील भी रद्द हो गई. पुलिस सूत्रों का दावा है कि यदि पूरा गिरोह गिरफ्त में आता तो 17 से 18 लाख रुपये नकद और भारी मात्रा में ड्रग्स बरामद हो सकती थी. इसके बावजूद मंगलवार की कार्रवाई को कोल्हान में ब्राउन शुगर की काली कमाई के खिलाफ सबसे बड़ी सफल कार्रवाइयों में माना जा रहा है.

दिलचस्प बात यह रही कि इस कार्रवाई ने आदित्यपुर थाना का पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ दिया. इससे पहले तत्कालीन एसपी मुकेश कुमार लुणायत और तत्कालीन थाना प्रभारी राजीव कुमार सिंह के नेतृत्व में करीब डेढ़ लाख रुपये की नकद बरामदगी हुई थी, जो उस समय एक रिकॉर्ड था. अब करीब डेढ़ वर्ष बाद एसपी मनोज स्वर्गियारी के नेतृत्व में थाना प्रभारी अंजनी कुमार सिंह ने उस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया है.
इस उपलब्धि की सबसे खास बात यह रही कि दोस्त का रिकॉर्ड दोस्त ने तोड़ा. तत्कालीन थाना प्रभारी राजीव कुमार सिंह और वर्तमान थाना प्रभारी अंजनी कुमार सिंह वर्ष 1994 बैच के दारोगा हैं और पुलिस विभाग में दोनों की गहरी मित्रता चर्चित रही है. वर्तमान में रांची एसीबी में पदस्थापित राजीव कुमार सिंह ने इस सफलता पर अंजनी कुमार सिंह को बधाई देते हुए कहा कि “मेरे लिए यह गर्व का क्षण है. आदित्यपुर को ब्राउन शुगर के जाल से मुक्त कराने की जो मुहिम हमने शुरू की थी, उसे मेरे साथी पूरी मजबूती से आगे बढ़ा रहे हैं.”

पूरी टीम बधाई के पात्र: एसपी
इस उपलब्धि का श्रेय पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गियारी ने पूरी टीम को दी है. उन्होंने कहा मादक पदार्थो की खरीद बिक्री को लेकर पहले दिन से ही उन्होंने काम करना शुरू कर दिया है. इसके लिए एक विशेष टीम गठित किया गया है. टीम में वैसे ऑफिसर को शामिल किया गया है जो बहादुर के साथ- साथ तस्करों की पूरी खुफिया जानकारी रखते हैं. इस टीम में सभी अनुभवी अधिकारी और जवानों को लगाया गया था. मिशन बेहद गोपनीय और संवेदनशील थी. अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी और थाना प्रभारी इस पूरे ऑपरेशन को लीड कर रहे थे. खतरा भी कम नहीं था मगर परिणाम सार्थक रहा. अफ़सोस है कि सरगना भागने में सफल रहा मगर उसे जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा. हम ब्रॉउन शुगर के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने का टार्गेट लेकर चल रहे हैं यदि किसी के पास ड्रग से रिलेटेड कोई सूचना हो तो पुलिस से साझा करें उनकी गोपनीयता भंग नहीं होगी. उन्होंने इस पूरे अभियान से जुड़े अधिकारियो और पुलिस कर्मियों को बधाई दी है.





