सरायकेला: ऐतिहासिक गुंडिचा मंदिर में मंगलवार को विपद तारिणी पूजा के दौरान एक बड़ा हादसा टल गया. पूजा-अर्चना कर रही महिला श्रद्धालु की साड़ी में अगरबत्ती की चिंगारी से अचानक आग लग गई. कुछ ही क्षणों में मंदिर परिसर में अफरा-तफरी मच गई. इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात सरायकेला थाना के टाइगर मोबाईल टीम के जवान अनिल कुमार ने अपनी जान की परवाह किए बिना आग में घिरी महिला को सुरक्षित बचा लिया. इस दौरान महिला मामूली रूप से झुलस गई. जबकि आग बुझाने के प्रयास में जवान का हाथ गंभीर रूप से झुलस गया.



जानकारी के अनुसार. विपदतारिणी पूजा के अवसर पर गुंडिचा मंदिर में हजारों श्रद्धालु पूजा- अर्चना के लिए पहुंचे हैं. इसी दौरान श्रद्धालु संगीता प्रजापति की साड़ी अगरबत्ती की लौ की चपेट में आ गई. देखते ही देखते आग फैलने लगी और महिला घबरा गई. आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई.
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए टाइगर मोबाइल के ऑन ड्यूटी जवान अनिल कुमार तुरंत महिला की ओर दौड़े. उन्होंने बिना देर किए जलती हुई साड़ी की आग बुझाई और महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. इस दौरान उनका हाथ बुरी तरह झुलस गया. लेकिन उन्होंने महिला की जान बचाने तक पीछे हटना उचित नहीं समझा.
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यदि कुछ सेकंड की भी देरी होती तो बड़ा हादसा हो सकता था. जवान की तत्परता और साहस से एक महिला श्रद्धालु की जान बच गई.
घटना की सूचना मिलते ही सरायकेला थाना प्रभारी विनय कुमार मौके पर पहुंचे. उन्होंने घायल महिला संगीता प्रजापति और झुलसे जवान अनिल कुमार को तत्काल सदर अस्पताल पहुंचाया. जहां दोनों का उपचार चल रहा है. चिकित्सकों के अनुसार महिला को हल्की जलन हुई है. जबकि जवान का हाथ अधिक झुलस गया है. दोनों की स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर है.
थाना प्रभारी विनय कुमार ने कहा कि पुलिस का पहला दायित्व लोगों की सुरक्षा और उनकी जान बचाना है. मोबाइल टाइगर जवान अनिल कुमार ने साहस, कर्तव्यनिष्ठा और मानवता का उत्कृष्ट परिचय दिया है. उनका यह कार्य पूरे पुलिस विभाग के लिए गर्व का विषय है.
घटना के बाद मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं ने भी जवान अनिल कुमार की बहादुरी की सराहना की. लोगों ने कहा कि उनकी त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया और एक महिला की जान बच सकी.
प्रमोद सिंह (संपादक)





