इसे अपने सभी मित्रों और परिवार के साथ साझा करें...
सरायकेला: सरकारी प्रोटोकॉल के कथित उल्लंघन और स्थानीय विधायक को आमंत्रित नहीं किए जाने के विवाद के बाद सरायकेला नगर पंचायत का प्रस्तावित उद्घाटन समारोह रद्द हो गया. मामले को लेकर अब विधायक प्रतिनिधि और नगर पंचायत अध्यक्ष आमने-सामने आ गए हैं.
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.44.43
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.46.41
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.47.58
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.52.28
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.52.29 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.52.29 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.52.29
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.52.30
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.52.31
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.52.32
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.57.32 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.57.32
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.57.33 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.57.33
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.13.31
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.36.05
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.36.30
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.36.38
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.37.51
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.38.23
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.39.53
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.41.21
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.41.22
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.42.40 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.42.40
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.44.41 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.44.42
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.44.43 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.44.43 (3)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.44.43 (4)
[smartslider3 slider="7"]
विज्ञापन
सरायकेला विधानसभा के विधायक प्रतिनिधि सनंद कुमार आचार्य ने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री एवं स्थानीय विधायक चंपई सोरेन के कार्यकाल में स्वीकृत करीब 15 विकास योजनाओं का उद्घाटन बिना विधायक को सूचना दिए और बिना आमंत्रित किए कराने की तैयारी की गई थी. उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालय को विश्वास में लेकर योजनाओं का उद्घाटन कर उसका श्रेय लेने का प्रयास किया जा रहा था. जानकारी मिलने पर उन्होंने उपायुक्त, उप विकास आयुक्त, नगर पंचायत पदाधिकारी विपुल सनी और विधायक चंपई सोरेन को पूरे मामले से अवगत कराया, जिसके बाद उद्घाटन समारोह रद्द कर दिया गया.
सनंद कुमार आचार्य ने कहा कि किसी भी सरकारी कार्यक्रम में स्थानीय विधायक को आमंत्रित करना स्थापित प्रोटोकॉल का हिस्सा है. इसकी अनदेखी लोकतांत्रिक परंपराओं और जनता के जनादेश का अपमान है. उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच, दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई तथा आवश्यकता पड़ने पर मामले को विधानसभा की विशेषाधिकार हनन समिति तक ले जाने की बात कही.
वहीं, नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने कहा कि प्रोटोकॉल का पालन हर हाल में होना चाहिए. यदि किसी स्तर पर चूक हुई है तो उसका स्पष्टीकरण लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि नगर पंचायत के सभी निर्णय अधिनियम, नियमों और सक्षम प्राधिकारी के निर्देशों के अनुरूप लिए जाते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी को किसी प्रक्रिया पर आपत्ति है तो उसके लिए वैधानिक मंच उपलब्ध हैं. विकास कार्यों को लेकर अनावश्यक विवाद या भ्रम फैलाना जनहित में नहीं है. नगर पंचायत का उद्देश्य नियमों के अनुरूप पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से विकास कार्यों को पूरा करना है.