
आदित्यपुर: सरायकेला- खरसावां के नवपदस्थापित पुलिस अधीक्षक (एसपी) मनोज स्वर्गियारी ने पदभार संभालते ही साफ कर दिया है कि जिले में अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी. उन्होंने कहा कि नियमित गश्ती, पुराने अपराधियों की धरपकड़, एंटी ड्रग अभियान और कानून- व्यवस्था को मजबूत करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल होगा.


गुरुवार को एसपी मनोज स्वर्गियारी आदित्यपुर थाना पहुंचे, जहां उन्होंने जमशेदपुर के डीडी (डबल डाउन) बार में हुए करणी सेना युवा मोर्चा, सरायकेला-खरसावां के जिला अध्यक्ष हिमांशु सिंह हत्याकांड को लेकर पुलिस पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की. बैठक में उन्होंने अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी ली और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी में तेजी लाने का निर्देश दिया.
एसपी ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि कानून- व्यवस्था बनाए रखने में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. जिले में नियमित पुलिस गश्ती बढ़ाई जाएगी, पुराने और सक्रिय अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा तथा नशे के अवैध कारोबार पर निर्णायक कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने स्पष्ट कहा कि “किसी भी सूरत में अपराध और अपराधियों को पनपने नहीं दिया जाएगा.”
उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को क्षेत्र में लगातार भ्रमण करने, असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखने, लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन तथा आम लोगों के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने का भी निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास जीतना पुलिस की पहली जिम्मेदारी है और पुलिसिंग का उद्देश्य लोगों को सुरक्षा का भरोसा दिलाना होना चाहिए. बैठक में सरायकेला एसडीपीओ अनुभव भारद्वाज, आदित्यपुर थाना प्रभारी अंजनी कुमार सिंह सहित कई पुलिस पदाधिकारी उपस्थित रहे.
गौरतलब है कि बिष्टुपुर स्थित डीडी बार के बाहर हुए हमले में करणी सेना युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष हिमांशु सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई थी, जबकि प्रत्युष सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे. इस घटना के बाद पूरे कोल्हान में भारी आक्रोश फैल गया था. मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पूर्वी सिंहभूम के तत्कालीन एसएसपी और सरायकेला- खरसावां की तत्कालीन एसपी को पद से हटाते हुए प्रशासनिक फेरबदल किया था. इसके बाद 2018 बैच के आईपीएस अधिकारी मनोज स्वर्गियारी को सरायकेला- खरसावां का नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया. पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने कानून- व्यवस्था को लेकर लगातार समीक्षा शुरू कर दी है और स्पष्ट संकेत दिया है कि अपराध नियंत्रण, त्वरित कार्रवाई और जवाबदेही के आधार पर पुलिसिंग को नई दिशा दी जाएगी.






