
सरायकेला: फेयर प्राइस शॉप डीलर्स एसोसिएशन, झारखंड की जिला इकाई ने सोमवार को अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की. जिला मुख्यालय परिसर के बाहर आयोजित बैठक में राशन दुकानदारों ने समस्याओं पर चर्चा की और बाद में उपायुक्त के माध्यम से खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के सचिव, झारखंड सरकार के नाम ज्ञापन सौंपकर जल्द समाधान की मांग की.


बैठक में डीलरों ने कहा कि वे वर्षों से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) और अन्य योजनाओं के तहत लाखों लाभुकों तक नियमित रूप से खाद्यान्न पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं, लेकिन उनके बकाया भुगतान और अन्य मांगों पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है. संगठन ने एनएफएसए एवं ग्रीन कार्डधारकों के खाद्यान्न वितरण का लंबित कमीशन, चना दाल, नमक तथा सोना-सोबरन योजना के तहत धोती-साड़ी वितरण का बकाया भुगतान शीघ्र जारी करने की मांग की. साथ ही ग्रीन चावल पर अतिरिक्त कमीशन और कोरोना काल का बकाया भुगतान भी देने की मांग उठाई.
डीलरों ने जन वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने के लिए एकीकृत सॉफ्टवेयर लागू करने की मांग भी की. उनका कहना है कि नए सिस्टम से लाभुकों को मिलने वाली सभी सामग्रियों की एक ही बार में रसीद निकल सकेगी, बार-बार बायोमेट्रिक सत्यापन की आवश्यकता नहीं होगी और वितरण प्रक्रिया अधिक तेज एवं सरल हो जाएगी.
इसके अलावा संगठन ने ई-पॉस मशीन के लिए रोल उपलब्ध कराने, बिजली बिल और दुकान किराया मद में आर्थिक सहायता देने, पूर्व घोषित प्रोत्साहन राशि का भुगतान करने, वरिष्ठ राशन दुकानदारों के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना लागू करने तथा निलंबित दुकानों की शीघ्र बहाली की भी मांग की.
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि राशन दुकानदार जन वितरण प्रणाली की महत्वपूर्ण कड़ी हैं, लेकिन लंबे समय से उनकी जायज मांगों की अनदेखी की जा रही है. उन्होंने सरकार से सभी लंबित मामलों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेकर राशन दुकानदारों को राहत देने की मांग की.
प्रमोद सिंह
संपादक






