
सरायकेला: थाना क्षेत्र के दावना डैम से बरामद 21 वर्षीय घनु मार्डी की मौत का मामला अब नए मोड़ पर पहुंच गया है. पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार की तैयारी के दौरान परिजनों ने शव की स्थिति पर सवाल उठाते हुए दोबारा पोस्टमार्टम और निष्पक्ष जांच की मांग की है.


जानकारी के अनुसार, पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया था. अंतिम संस्कार की तैयारी के दौरान जब शव से प्लास्टिक कवर हटाया गया, तो परिजनों का आरोप है कि उन्हें शरीर पर पोस्टमार्टम के दौरान लगाए जाने वाले सामान्य चीरे और टांकों के निशान दिखाई नहीं दिए. इसके बाद परिजन शव को वापस सरायकेला सदर अस्पताल लेकर पहुंच गए और पूरी प्रक्रिया पर आपत्ति जताई.
मृतक की मां सिद्धांता मार्डी सहित अन्य परिजनों ने युवक की मौत को संदिग्ध बताते हुए निष्पक्ष जांच और दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की है. उनका कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का पता वैज्ञानिक और पारदर्शी जांच से ही चल सकेगा.
मामले की गंभीरता को देखते हुए सिविल सर्जन ने पुनः पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल टीम गठित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. वहीं पहला पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक डॉ. रणदीप मेलगांडी का कहना है कि पोस्टमार्टम के दौरान एक महिला सहिया शव को जल्द परिजनों को सौंपने का दबाव बना रही थी, जिसके कारण जल्दबाजी की स्थिति उत्पन्न हुई. हालांकि, इस संबंध में आगे की जांच और मेडिकल रिपोर्ट के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी.
इधर सरायकेला थाना प्रभारी विनय कुमार सिंह ने कहा कि परिजनों से आवेदन मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल सभी की नजर दोबारा होने वाले पोस्टमार्टम और उसकी रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे युवक की मौत के कारणों पर स्पष्टता आ सकेगी.
प्रमोद सिंह
संपादक






