
चौका. पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी के निर्देशानुसार शुक्रवार को चौका थाना क्षेत्र स्थित प्लस टू उच्च विद्यालय, चौका में छात्र-छात्राओं के बीच व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे की बुराइयों, सामाजिक कुरीतियों, महिला सुरक्षा तथा विभिन्न कानूनी अधिकारों और सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक करना था.


कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को नशा मुक्ति, डायन प्रथा प्रतिषेध कानून, महिला उत्पीड़न से संबंधित कानूनी प्रावधान, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो), बाल विवाह निषेध कानून, महिला सुरक्षा, बाल संरक्षण, सड़क सुरक्षा तथा दुर्घटना पीड़ितों की सहायता से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी गई.
छात्र-छात्राओं को बताया गया कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि उसके परिवार और पूरे समाज को नुकसान पहुंचाता है. युवाओं से नशे से दूर रहने तथा अपने आसपास के लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया गया.
कार्यक्रम में डायन प्रथा जैसी अमानवीय कुरीतियों के विरुद्ध बने कानूनों की जानकारी देते हुए बताया गया कि किसी भी महिला को अंधविश्वास के आधार पर प्रताड़ित करना दंडनीय अपराध है. साथ ही महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों से संबंधित विभिन्न कानूनी प्रावधानों पर भी विस्तार से चर्चा की गई.
बाल विवाह के दुष्परिणामों और इसके विरुद्ध लागू कानून की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों से अपील की गई कि वे अपने परिवार और समाज में इस कुप्रथा को रोकने में सक्रिय भूमिका निभाएं. बच्चों की सुरक्षा के लिए बनाए गए विशेष कानूनों तथा चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 की उपयोगिता के बारे में भी विस्तार से बताया गया.
कार्यक्रम के दौरान आपातकालीन सहायता के लिए डायल 112, साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी की शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 की जानकारी दी गई. विद्यार्थियों को बच्चा चोरी जैसी अफवाहों से बचने तथा केवल सत्यापित सूचनाओं पर ही विश्वास करने की सलाह दी गई. साथ ही सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक और भड़काऊ सूचनाओं के प्रति सतर्क रहने के लिए भी प्रेरित किया गया.
सड़क सुरक्षा विषय पर चर्चा करते हुए यातायात नियमों के पालन, हेलमेट और सीट बेल्ट के उपयोग तथा दुर्घटना की स्थिति में घायलों की सहायता करने के महत्व को समझाया गया. विद्यार्थियों को बताया गया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद करने वाले नागरिकों को कानून संरक्षण प्रदान करता है और उन्हें किसी प्रकार की अनावश्यक कानूनी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता.
चौका थाना प्रभारी गौरव कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं. यदि युवा नशे, अपराध और सामाजिक कुरीतियों से दूर रहकर शिक्षा और नैतिक मूल्यों को अपनाएं, तो एक स्वस्थ, सुरक्षित और विकसित समाज का निर्माण संभव है.
उन्होंने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि समाज को जागरूक और सुरक्षित बनाना भी है. विद्यालयों में जाकर छात्र-छात्राओं को उनके अधिकारों, कर्तव्यों और सुरक्षा संबंधी विषयों की जानकारी देना अत्यंत आवश्यक है. नशा, बाल विवाह, महिलाओं के विरुद्ध अपराध, साइबर ठगी और अफवाहें समाज के लिए गंभीर चुनौती हैं. इनसे बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम जागरूकता है.
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया. साथ ही समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और जिम्मेदार नागरिक बनने का संकल्प भी लिया.
रिपोर्ट: प्रमोद सिंह


