जमशेदपुर: पांच वर्षीय मासूम अर्शिफा, जो पिछले तीन वर्षों से गंभीर बीमारी से जूझ रही थी, आखिरकार जिंदगी की जंग हार गई। दिल्ली के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान उसका निधन हो गया।


अर्शिफा के इलाज के लिए करीब 20 लाख रुपये की जरूरत थी। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार ने लोगों से मदद की अपील की थी। खबर सामने आने के बाद जमशेदपुर सहित कई इलाकों के लोगों, समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न संगठनों ने बच्ची के इलाज के लिए आर्थिक सहयोग किया।
मानगो नगर निगम की वार्ड-29 की पार्षद परवीन बानो ने भी अपने 75 दिनों के मानदेय से आर्थिक सहायता दी थी और लोगों से बच्ची की मदद करने की अपील की थी।
समाजसेवी हाजी सद्दाम हुसैन ने बताया कि दिल्ली से मंगलवार देर रात अर्शिफा का पार्थिव शरीर एंबुलेंस से जमशेदपुर के लिए रवाना किया गया। कदमा थाना क्षेत्र के शास्त्रीनगर स्थित पैतृक आवास पर अंतिम दर्शन के बाद सुपुर्द-ए-खाक की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
परिवार ने अर्शिफा के इलाज में सहयोग करने वाले सभी लोगों का दिल से आभार व्यक्त किया है। हाजी सद्दाम हुसैन ने कहा कि मदद करने वालों की इंसानियत हमेशा याद रखी जाएगी और अल्लाह उन्हें इसका बेहतर बदला अता करे।
रिपोर्ट: अफरोज मलिक

