
सरायकेला: जिले के आदित्यपुर में पत्रकार सुनील गुप्ता और उनके पुत्र पर हुए जानलेवा हमले के मामले में चार दिन बीत जाने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर पत्रकारों का आक्रोश फूट पड़ा है. पुलिस प्रशासन द्वारा दिए गए आश्वासनों के बाद भी आरोपियों की गिरफ़्तारी नहीं होने से नाराज प्रेस क्लब ने अब आंदोलन का रास्ता अपनाने का फैसला किया है.


प्रेस क्लब के पदाधिकारियों और पत्रकारों की बैठक में निर्णय लिया गया कि गुरुवार से आदित्यपुर थाना के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा. पत्रकारों का आरोप है कि घटना के बाद पुलिस अधिकारियों द्वारा शीघ्र गिरफ्तारी का भरोसा दिया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है.
पत्रकारों ने विशेष रूप से जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) के आश्वासनों पर सवाल उठाते हुए कहा कि लगातार भरोसा दिलाने के बावजूद आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं. इससे पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं.
प्रेस क्लब का कहना है कि यदि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ माने जाने वाले पत्रकारों पर हमला करने वाले आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पा रही है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता स्वाभाविक है. पत्रकारों ने इसे केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि स्वतंत्र पत्रकारिता और अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला बताया है.
पत्रकारों ने साफ कर दिया है कि जब तक मामले के सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा. इसके लिए जिले के विभिन्न पत्रकार संगठनों और मीडिया कर्मियों से भी समर्थन मांगा जा रहा है.
प्रेस क्लब ने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस प्रशासन जल्द कार्रवाई नहीं करता है, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा. वहीं इस पूरे घटनाक्रम को लेकर जिले के पत्रकारों में भारी नाराजगी है और पुलिस की भूमिका को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं.
पत्रकारों का कहना है कि जब पुलिस लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हुए हमले के आरोपियों को गिरफ्तार करने में विफल है, तो आम जनता की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं. ऐसे में दोषियों की जल्द गिरफ्तारी ही पुलिस की निष्पक्षता और कार्यक्षमता को साबित कर सकती है.


