
जामताड़ा: जिले में कार्यरत एनआरएचएम कर्मी रेखा कुमारी की असामयिक मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और कर्मचारियों की बदहाल स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. बताया जा रहा है कि पिछले पांच महीनों से वेतन नहीं मिलने के कारण वह लगातार आर्थिक और मानसिक तनाव से गुजर रही थीं.


जानकारी के अनुसार, जामताड़ा प्रखंड में 200 से अधिक एनआरएचएम कर्मी विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत हैं, लेकिन बीते पांच महीनों से उन्हें वेतन का भुगतान नहीं किया गया है. वेतन लंबित रहने से कर्मचारियों के सामने परिवार चलाने, बच्चों की पढ़ाई और दैनिक जरूरतों को पूरा करने का संकट खड़ा हो गया है.
इस मामले में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने बताया कि वेतन मद में आवंटन देर से प्राप्त होने और नई भुगतान प्रक्रिया लागू होने के कारण भुगतान प्रभावित हुआ. उन्होंने दावा किया कि अगले दो से तीन दिनों के भीतर सभी कर्मियों के खातों में वेतन भेज दिया जाएगा.
वहीं कर्मचारियों का कहना है कि ब्लॉक अकाउंट मैनेजर का पद लंबे समय से खाली होने के कारण वित्तीय प्रक्रियाएं समय पर पूरी नहीं हो सकीं, जिससे समस्या और गंभीर हो गई.
रेखा कुमारी की मौत के बाद कर्मचारियों और स्थानीय लोगों में आक्रोश है. उनका कहना है कि जो स्वास्थ्यकर्मी दिन-रात आम लोगों की सेवा में लगे रहते हैं, उन्हें ही महीनों वेतन के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है. यह घटना केवल एक कर्मचारी की मौत नहीं, बल्कि सरकारी व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर करने वाली चेतावनी है.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल


