सरायकेला: गम्हरिया में रविवार को झारखंड की राजनीति का एक दिलचस्प नजारा देखने को मिला. हाल ही में कांग्रेस छोड़कर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) में शामिल हुए शिक्षाविद और वरिष्ठ झारखंड आंदोलनकारी कालीपद सोरेन उर्फ केपी सोरेन से झामुमो के युवा नेता सन्नी सिंह ने अपनी टीम के साथ मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने केपी सोरेन को गुलदस्ता भेंट कर तथा अंगवस्त्र ओढ़ाकर उनका सम्मानपूर्वक स्वागत किया.


युवा नेतृत्व और अनुभवी राजनीति का यह संगम क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है. राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात को आने वाले दिनों की रणनीति और संगठनात्मक मजबूती से जोड़कर देखा जा रहा है. हालांकि दोनों नेता पहले से एक-दूसरे से परिचित रहे हैं, लेकिन झामुमो के मंच पर एक साथ आने के बाद यह उनकी पहली प्रमुख मुलाकात मानी जा रही है.
मुलाकात के दौरान युवा नेता सन्नी सिंह ने कहा कि केपी सोरेन जैसे अनुभवी और संघर्षशील नेता का पार्टी में शामिल होना झामुमो के लिए बड़ी उपलब्धि है. उन्होंने कहा कि झारखंड आंदोलन और सामाजिक सरोकारों में केपी सोरेन का लंबा अनुभव पार्टी संगठन को नई दिशा देने में मदद करेगा. उनके मार्गदर्शन का लाभ युवा कार्यकर्ताओं को भी मिलेगा.
वहीं कालीपद सोरेन उर्फ केपी सोरेन ने स्वागत के लिए सन्नी सिंह और उनकी टीम का आभार जताया. उन्होंने कहा कि झारखंड के विकास, आदिवासी- मूलवासी हितों की रक्षा और पार्टी को मजबूत बनाने के लिए सभी कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर काम करना होगा. उन्होंने युवाओं की सक्रिय भागीदारी को लोकतंत्र और संगठन दोनों के लिए सकारात्मक बताया.
इस अवसर पर मनोज कुमार, रोबिन हांसदा, अरुण मंडल, राजू सिंह सरदार, अजय सिंह, नरेंद्र कुमार, रवि हांसदा, बिस्वजीत बेहरा, ऋतिक मंडल समेत बड़ी संख्या में युवा कार्यकर्ता उपस्थित रहे.
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सरायकेला- खरसावां जिले में दोनों नेताओं की यह नजदीकी आने वाले दिनों में झामुमो की संगठनात्मक गतिविधियों और स्थानीय राजनीति पर प्रभाव डाल सकती है. फिलहाल इस मुलाकात की चर्चा क्षेत्र में जोरों पर है.



