बोकारो: जिले के चंद्रपुरा प्रखंड स्थित झरनाडीह तालाब में गुरुवार सुबह एक ऐसी दर्दनाक घटना हुई, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं. जिस दौर में रिश्तों के मायने बदलते नजर आ रहे हैं, उसी दौर में एक युवक ने अपने चचेरे भाई की जान बचाने के लिए अपनी जिंदगी कुर्बान कर दी.


जानकारी के अनुसार, 22 वर्षीय दीपक यादव अपने चचेरे भाई के साथ गांव के झरनाडीह तालाब में नहाने गया था. नहाने के दौरान उसका चचेरा भाई अचानक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा. भाई को संकट में देख दीपक ने अपनी जान की परवाह किए बिना तुरंत तालाब में छलांग लगा दी.
दीपक ने बहादुरी दिखाते हुए अपने चचेरे भाई को गहरे पानी से बाहर धकेल दिया और उसकी जान बचा ली. लेकिन इस कोशिश में वह खुद तालाब की गहराई में फंस गया और बाहर नहीं निकल सका. देखते ही देखते वह पानी में डूब गया.
घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई. आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में तालाब के पास पहुंच गए और युवक की तलाश शुरू की गई. करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद दीपक यादव का शव तालाब से बाहर निकाला गया.
परिजन उसे तत्काल स्थानीय डीसी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया. दीपक यादव मिलटन यादव का बड़ा पुत्र था. उसकी असामयिक मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
घटना की सूचना मिलते ही चंद्रपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की. पुलिस मामले की जांच कर रही है तथा तालाब की गहराई और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी जानकारी जुटाई जा रही है.
दीपक भले ही इस दुनिया में नहीं रहा, लेकिन उसने अपने साहस और त्याग से यह साबित कर दिया कि रिश्तों की असली ताकत क्या होती है. अपने भाई की जिंदगी बचाने के लिए दिया गया उसका बलिदान लंबे समय तक लोगों के दिलों में जीवित रहेगा.
रिपोर्ट: शुभम मिश्रा



