चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के कुमारडुंगी थाना क्षेत्र स्थित खंडकोरी गांव के गाउसाई टोला में अंधविश्वास की एक हृदयविदारक घटना सामने आई है. डायन-बिसाही के संदेह में एक महिला की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी गई. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है तथा हत्या में प्रयुक्त हथियार भी बरामद कर लिया है.


मृतका की पहचान शुरू गोप के रूप में हुई है. घटना के समय उनके पति देवेंद्र गोप अपने बड़े बेटे और बेटी के साथ ओडिशा में एक श्राद्ध कार्यक्रम में शामिल होने गए थे, जबकि महिला अपने दो छोटे बच्चों के साथ घर पर थीं.
पुलिस जांच में पता चला कि गांव निवासी पुंडवा उर्फ चोके सिंकु को संदेह था कि उसकी पांच वर्षीय बेटी और बड़े भाई की खराब सेहत के पीछे शुरू गोप का हाथ है. इसी अंधविश्वास के चलते उसने महिला की हत्या की साजिश रची.
आरोप है कि चोके सिंकु महिला को हड़िया पिलाने के बहाने घर से बाहर ले गया और गांव के समीप तानीबुरु क्षेत्र की झाड़ियों में धारदार हथियार से हमला कर उसकी हत्या कर दी. वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया.
जब महिला के पति घर लौटे तो पत्नी को नहीं पाकर खोजबीन शुरू की गई. बाद में ग्रामीणों और परिजनों की मदद से तानीबुरु क्षेत्र की झाड़ियों से महिला का शव बरामद हुआ. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की.
पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया. उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल खून से सना हथियार भी बरामद किया गया. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.
यह घटना एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में फैले अंधविश्वास और डायन-बिसाही जैसी कुप्रथाओं की भयावह तस्वीर सामने लाती है. प्रशासन और सामाजिक संगठनों ने लोगों से अंधविश्वास से दूर रहने तथा कानून का पालन करने की अपील की है.



