जामताड़ा:आगामी 31 मई को झारखंड बंगाली समिति मिहिजाम शाखा के तत्वावधान में आयोजित होने वाले “रवींद्र नजरुल संध्या” कार्यक्रम को भव्य और सफल बनाने के उद्देश्य से तैयारियां तेज कर दी गई हैं. इसी क्रम में कार्यकारी अध्यक्ष नूपुर सरकार की अध्यक्षता में दो अलग-अलग स्थानों पर बैठक आयोजित की गई. पहली बैठक निमाई कोठी स्थित दुर्गा मंदिर परिसर में तथा दूसरी बैठक आम बागान स्थित दुर्गा मंदिर परिसर में संपन्न हुई.

बैठक में बंगाली समाज के बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर कार्यक्रम की सफलता को लेकर अपने सुझाव साझा किए. इस दौरान आयोजन की रूपरेखा, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की तैयारी, लोगों की सहभागिता बढ़ाने तथा संगठन को और मजबूत बनाने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई. साथ ही समाज के लोगों से कार्यक्रम की व्यापक सफलता और सामाजिक एकजुटता को लेकर सुझाव भी आमंत्रित किए गए.
बैठक के समापन अवसर पर सेवानिवृत्त शिक्षिका कविता बसु ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है. उन्होंने ऐसे आयोजनों को समाज को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण माध्यम बताया.
इस अवसर पर समिति की सचिव प्रियंका दास, कोषाध्यक्ष पार्थ दास, प्रदीप कुमार मित्रा, अपूर्व साहा, विश्वनाथ राय, प्रदीप कुमार दत्ता, प्रणव मित्रा, नमिता घोष, अन्ना मंडल, अपर्णा मुखर्जी, पूजा दत्ता, परिणीता रॉय, जॉली चक्रवर्ती, रीना दत्ता, सोमा घोष, मोनिका चौधरी, गायत्री चक्रवर्ती, सुकुमार मंडल, रूमा मंडल, आलो मुखर्जी, रतन दत्ता चौधरी, दुलाल दे, जय साहा, सिद्धू दास, नीलू नस्कर, सुशांत कुंडू समेत बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे.
बैठक में मौजूद लोगों ने एक स्वर में कहा कि रवींद्रनाथ टैगोर और काजी नजरुल इस्लाम की सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए ऐसे आयोजन समाज को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल



