रांची: झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान के तहत पुलिस और सेंट्रल रिज़र्व पुलिस फ़ोर्स को बड़ी सफलता मिली है. राजधानी रांची स्थित पुलिस मुख्यालय में झारखंड डीजीपी तादाशा मिश्रा की मौजूदगी में एक साथ 27 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया. सरेंडर करने वाले नक्सलियों में भाकपा माओवादी और जेजेएमपी संगठन के सक्रिय सदस्य शामिल हैं. इन नक्सलियों ने 16 आधुनिक हथियार और 2500 से अधिक जिंदा कारतूस भी सुरक्षा बलों के सामने जमा किए.
पुलिस के अनुसार आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों पर जवानों की हत्या, पुलिस मुठभेड़, लेवी वसूली, विस्फोट, आगजनी और हथियारबंद हमलों समेत कुल 426 नक्सली घटनाओं में शामिल होने के आरोप हैं.

सरेंडर करने वाले प्रमुख इनामी नक्सलियों का विवरण:
सागेन अंगरिया: निवासी- सांगाजाटा, गोइलकेरा, पश्चिमी सिंहभूम. इनाम – 5 लाख रुपये. पद – स्पेशल एरिया कमेटी मेंबर. दर्ज मामले- 123.
करण तियू: निवासी- गोइलकेरा, चाईबासा. इनाम – 2 लाख रुपये. दर्ज मामले- 29.
गादी मुंडा उर्फ गुलशन: निवासी- बुंडू, रांची. इनाम – 5 लाख रुपये. दर्ज मामले- 48.
नागेंद्र मुंडा उर्फ प्रभात मुंडा उर्फ मुखिया: निवासी- अड़की, खूंटी. इनाम- 5 लाख रुपये. दर्ज मामले- 38.
रेखा मुंडा उर्फ जयंती: निवासी– बुंडू, रांची. इनाम – 5 लाख रुपये. दर्ज मामले- 18.
दर्शन उर्फ बिंज हांसदा: निवासी- छोटानगरा, चाईबासा. दर्ज मामले- 14.
सुलेमान हांसदा उर्फ सुनी हांसदा: निवासी- छोटानगरा, चाईबासा. इनाम – 5 लाख रुपये. दर्ज मामले- 13.
बासुमती जेराई उर्फ बासू: निवासी- किरीबुरू, चाईबासा. पद – एरिया कमांडर. इनाम* 1 लाख रुपये. दर्ज मामले- 14.
बैजनाथ मुंडा: निवासी- तमाड़, रांची. दर्ज मामले- 4.
रघु कायम उर्फ गुणा: निवासी- मुफस्सिल, चाईबासा. दर्ज मामले- 19.
किशोर सिरका उर्फ दुर्गा सिरका: निवासी- टोंटो, चाईबासा. दर्ज मामले- 11.
राम दयाल मुंडा: निवासी- तमाड़, रांची. दर्ज मामले – 4.

आत्मसमर्पण करने वाले अन्य सक्रिय नक्सली कैडर:
वंदना उर्फ शांति, सुनिता सरदार, डांगुर बोइपाई, बसंती देवगम, मुन्नीराम मुंडा, अनिशा कोड़ा उर्फ रानी, सपना उर्फ सुरू कालुंडिया, सुसारी उर्फ दसमा कालुंडिया, बिरसा कोड़ा उर्फ हरिसिंह, नुअस, बुमली तियू, निति माई उर्फ निति हेंब्रम और लादू तिरिया ने भी आत्मसमर्पण किया है.
इस मौके पर सेंट्रल रिज़र्व पुलिस फ़ोर्स के आईजी ने कहा कि लगातार चलाए जा रहे एंटी नक्सल ऑपरेशन और सफल मुठभेड़ों से नक्सल संगठन कमजोर पड़ रहे हैं. वहीं डीजीपी तादाशा मिश्रा ने कहा कि जंगलों में सक्रिय अन्य नक्सलियों को भी हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटना चाहिए.



