सरायकेला: नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और विद्यार्थियों को बेहतर उच्च माध्यमिक शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ी पहल की है. उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी, सरायकेला- खरसावां को विस्तृत मांग पत्र सौंपकर क्षेत्र में JAC से संबद्ध प्लस टू विद्यालय शुरू करने की मांग उठाई है.

नगर पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि सरायकेला जैसे ऐतिहासिक और तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्र में अब तक झारखंड अधिविद्य परिषद (JAC) से संबद्ध प्लस टू विद्यालय का अभाव चिंता का विषय है. इसका सबसे अधिक असर आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों पर पड़ रहा है. विद्यार्थियों को उच्च माध्यमिक शिक्षा के लिए दूर-दराज क्षेत्रों में जाना पड़ता है, जिससे आर्थिक बोझ, समय की बर्बादी और सुरक्षा संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं.
उन्होंने कहा कि कई प्रतिभाशाली छात्र- छात्राएं संसाधनों की कमी के कारण आगे की पढ़ाई बीच में छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं. इसे देखते हुए बालक मध्य विद्यालय, राजबांध और राजकीय कन्या विद्यालय, पुराना बस स्टैंड को चरणबद्ध तरीके से अपग्रेड कर JAC बोर्ड से संबद्ध प्लस टू विद्यालय के रूप में विकसित करने की मांग की गई है.
मांग पत्र में विज्ञान, कला और वाणिज्य संकाय के लिए पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति, आधुनिक प्रयोगशाला, पुस्तकालय और अन्य शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराने की भी बात कही गई है. इसके अलावा नगर पंचायत अध्यक्ष ने सरायकेला शहर के करीब 13 विद्यालयों की आधारभूत संरचना का विस्तृत सर्वे कराने की मांग की है. इसमें भवन मरम्मत, रंग-रोगन, पेयजल, शौचालय, खेलकूद संसाधन और शिक्षकों की उपलब्धता की समीक्षा शामिल है. साथ ही विद्यालय परिसरों में चारदीवारी निर्माण, जर्जर भवन हटाने और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण तैयार करने पर भी जोर दिया गया है.
मनोज कुमार चौधरी ने कहा कि शिक्षा ही समाज और राष्ट्र निर्माण का सबसे बड़ा आधार है. यदि बच्चों को बेहतर शिक्षा के लिए भटकना पड़े तो यह पूरे समाज के लिए चिंता की बात है. उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता है कि सरायकेला का कोई भी विद्यार्थी केवल संसाधनों की कमी के कारण अपने सपनों से समझौता न करे. उन्होंने इसे केवल विद्यालय खोलने की मांग नहीं, बल्कि सरायकेला के उज्ज्वल भविष्य, युवाओं के सशक्तिकरण और क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया. इस संबंध में मुख्यमंत्री, शिक्षा विभाग, उपायुक्त और झारखंड अधिविद्य परिषद को भी प्रतिलिपि भेजी गई है, ताकि छात्रहित में जल्द सकारात्मक कार्रवाई हो सके. “शिक्षित सरायकेला- विकसित सरायकेला” के संकल्प के साथ नगर पंचायत द्वारा शिक्षा और युवाओं के भविष्य को लेकर लगातार प्रयास जारी रखने की बात कही गई है.
Report: Pramod Singh



