जामताड़ा: समाहरणालय सभागार में उपायुक्त सह प्रधान जनगणना पदाधिकारी अलोक कुमार की अध्यक्षता में जनगणना 2027 को लेकर प्रेस वार्ता आयोजित की गई. इस दौरान जनगणना की प्रक्रिया, चरणों और नई डिजिटल व्यवस्था की विस्तृत जानकारी दी गई.

उपायुक्त ने बताया कि भारत की जनगणना विश्व के सबसे बड़े प्रशासनिक कार्यों में से एक है और 1872 से अब तक यह 16वीं जनगणना तथा स्वतंत्रता के बाद 8वीं जनगणना होगी. इस बार जनगणना दो चरणों में संपन्न कराई जाएगी.
पहले चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना की जाएगी, जिसके तहत स्व-गणना की अवधि 1 मई 2026 से 15 मई 2026 तक निर्धारित की गई है. इसके बाद 16 मई से 14 जून 2026 तक प्रगणक घर-घर जाकर सर्वे करेंगे. वहीं, दूसरे चरण में 9 फरवरी 2027 से 28 फरवरी 2027 तक जनसंख्या की गणना की जाएगी.
उपायुक्त ने बताया कि इस बार पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से मोबाइल ऐप के जरिए की जाएगी और कुल 33 प्रश्नों के आधार पर जानकारी एकत्र की जाएगी. उन्होंने कहा कि स्व- गणना (Self Enumeration) इस बार की सबसे बड़ी विशेषता है, जिसमें नागरिक स्वयं पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे.
उन्होंने बताया कि जिले में जनगणना कार्य के लिए 8 चार्ज क्षेत्र बनाए गए हैं और 1765 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक तैयार किए गए हैं. सभी का जियो- टैगिंग और डिमार्केशन पूरा हो चुका है. इसके अलावा 316 सुपरवाइजर और 1637 प्रगणकों की नियुक्ति कर प्रशिक्षण भी पूर्ण कर लिया गया है.
उपायुक्त ने मीडिया के माध्यम से जिलेवासियों से अपील की कि वे 1 मई से 15 मई तक चलने वाले स्व-गणना अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें और सही व सटीक जानकारी देकर इस राष्ट्रीय कार्य को सफल बनाएं.
Report by Manish Baranwal

