जामताड़ा/ Manish Baranwal भारत की जनगणना 2027 के सफल संचालन को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं. उपायुक्त सह प्रधान जनगणना पदाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में जिला स्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक आयोजित कर अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए. बैठक में सुपरवाइजर सर्किल गठन, प्रगणक एवं पर्यवेक्षकों की नियुक्ति, प्रशिक्षण व्यवस्था, स्व-गणना की तैयारी, सीएमएमएस पोर्टल कार्य और जनजागरूकता अभियान जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं की समीक्षा की गई.

उपायुक्त ने सभी तैयारियों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया. उपायुक्त ने बताया कि जनगणना 2027 दो चरणों में आयोजित होगी. पहले चरण में मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का कार्य किया जाएगा. इसके लिए प्रगणकों और पर्यवेक्षकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनगणना एक अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. सभी अधिकारियों को जारी दिशा-निर्देशों और एसओपी का कड़ाई से पालन करने को कहा गया है.
*स्व-गणना की प्रक्रिया भी शुरू*
प्रशासन के अनुसार आम नागरिकों के लिए 01 मई से 15 मई 2026 तक स्व-गणना की सुविधा उपलब्ध रहेगी. इसके लिए विशेष वेब पोर्टल के माध्यम से लोग स्वयं अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकेंगे. स्व-गणना के लिए नागरिकों को पोर्टल पर लॉगइन कर परिवार पंजीकरण, ओटीपी सत्यापन, स्थान विवरण, मैप पर लोकेशन चिन्हित करना और प्रश्नावली भरने के बाद अंतिम सबमिट करना होगा. सफल सबमिशन के बाद एक यूनिक पहचान संख्या (SE ID) प्राप्त होगी.
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि अधिक से अधिक लोगों को स्व-गणना में शामिल करने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए और जनप्रतिनिधियों, सरकारी कर्मियों, युवाओं, महिलाओं एवं शहरी-ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाया जाए. बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी अनंत कुमार, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी सुजीत कुमार सिंह, जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी संतोष कुमार घोष सहित सभी प्रखंड एवं नगर निकाय के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े.

