जमशेदपुर: विश्व कविता दिवस के अवसर पर शहर की प्रमुख साहित्यिक संस्था बाचिक मंजरी के तृतीय वार्षिकोत्सव पर “युद्ध नहीं, मानवता की जीत” विषय पर आधारित एक भावनात्मक काव्य पाठ एवं सांस्कृतिक संध्या का आयोजन रवीन्द्र भवन प्रेक्षागृह में किया गया.
कार्यक्रम की शुरुआत संस्कृत श्लोक पाठ से हुई, जिसने पूरे माहौल को आध्यात्मिक बना दिया. मुख्य अतिथि विकास मुखर्जी सहित विशिष्ट अतिथि तपस मित्र, सब्यसाची चंद, तपस चटर्जी और संस्था के अध्यक्ष अरविंद मित्रा ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया.

इस अवसर पर समाज के विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाले कई व्यक्तियों को सम्मानित किया गया, जिनमें आशीष चौधरी, तुषार दासगुप्ता, पी.के. नंदी, झरना कर, डॉ. संदीप चंद्रा, सुजीत मुखर्जी और चंदना चौधरी शामिल रहे.
कार्यक्रम को दो चरणों में आयोजित किया गया. पहले चरण में युद्ध-विरोधी कविताओं का पाठ हुआ, जबकि दूसरे चरण में प्रेम और प्रकृति पर आधारित प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया. लगभग 40 कलाकारों की सहभागिता रही, जिसमें बाल कलाकारों की प्रस्तुति विशेष आकर्षण का केंद्र बनी.
कार्यक्रम का संचालन सुष्मिता गांगुली और मलय आचार्य ने किया, जबकि मिथु मंडल ने सहयोग किया. आयोजन की योजना और निर्देशन में सुष्मिता गांगुली की भूमिका सराहनीय रही. अंत में पूरबी घोष ने धन्यवाद ज्ञापन दिया. मंच सज्जा मलय आचार्य और मौसमी घोष हाजरा द्वारा की गई, जिसने कार्यक्रम की सुंदरता को और निखार दिया. यह संध्या मानवता, शांति और संवेदनाओं का सशक्त संदेश देने में सफल रही.

