सरायकेला/ Pramod Singh नगर पंचायत की राजनीति में अचानक बड़ा मोड़ आ गया है. नगर पंचायत के नवनिर्वाचित अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी कथित रूप से आठ वार्ड पार्षदों को साथ लेकर गुपचुप तरीके से भूमिगत हो गए हैं. इस घटनाक्रम के बाद नगर पंचायत की सियासत में हलचल तेज हो गई है और उपाध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर अटकलों का दौर शुरू हो गया है.


नगर पंचायत में इन दिनों सियासी सरगर्मी चरम पर है. अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी के अचानक आठ वार्ड पार्षदों को साथ लेकर भूमिगत होने की खबर से पूरे क्षेत्र की राजनीति गरमा गई है. हालांकि इस पूरे मामले की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर तरह- तरह की चर्चाएं हो रही हैं.
सरायकेला नगर पंचायत में कुल 11 वार्ड पार्षद हैं, जिनमें से आठ पार्षदों के अध्यक्ष के साथ होने की चर्चा है. ऐसे में उपाध्यक्ष पद के चुनाव से पहले राजनीतिक समीकरण तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं. सूत्रों के अनुसार उपाध्यक्ष पद को लेकर अंदरखाने जोरदार लॉबिंग चल रही थी. इस पद के लिए चंपई सोरेन और जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा भी सक्रिय रूप से वार्ड पार्षदों के संपर्क में बताए जा रहे हैं और समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहे थे. इसी बीच अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी के आठ पार्षदों के साथ भूमिगत होने की खबर ने पूरे राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है. स्थानीय राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उपाध्यक्ष पद के चुनाव से पहले यह एक रणनीतिक कदम भी हो सकता है. अक्सर ऐसे मौकों पर पार्षदों को एकजुट रखने और संभावित टूट- फूट को रोकने के लिए इस तरह की रणनीति अपनाई जाती है.
इस घटनाक्रम के बाद नगर पंचायत क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है. लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि अध्यक्ष का अगला कदम क्या होगा और उपाध्यक्ष पद की दौड़ में आखिर किसके हाथ बाजी लगेगी.
गौरतलब है कि सरायकेला नगर पंचायत में उपाध्यक्ष पद का चुनाव 17 मार्च को होना है. ऐसे में आने वाले दिनों में नगर पंचायत की राजनीति में और भी नए मोड़ देखने को मिल सकते हैं.

