चाईबासा/ Jyotish Mahali पश्चिम सिंहभूम जिले के सारंडा क्षेत्र में जंगली हाथियों से प्रभावित ग्रामीणों को वन विभाग की ओर से आर्थिक सहायता प्रदान की गई. शनिवार को जराईकेला रेंज में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कुल छह लाभुकों को मुआवजा राशि के चेक वितरित किए गए.

जानकारी के अनुसार हाल के दिनों में हाथियों के झुंड द्वारा अलग- अलग स्थानों पर ग्रामीणों पर हमला करने और घरों व फसलों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं सामने आई थीं. इन घटनाओं में प्रिया जोजो के पति की हाथी के हमले में मौत हो गई थी. इस मामले में उन्हें 4 लाख रुपये का मुआवजा चेक दिया गया.
वहीं हाथियों द्वारा घर तोड़े जाने के मामलों में सारंडा के नयागांव निवासी विश्वासी सोय, पल्लव केरकेट्टा तथा समठा गांव की सोम्बारी कच्छप को 1 लाख 30 हजार रुपये का मुआवजा चेक प्रदान किया गया.
इसके अलावा हाथियों द्वारा फसल नष्ट किए जाने के कारण समठा गांव के मनसुख नाग को 6,825 रुपये तथा फूलबाड़ी के जगदीश सिंह को 3,932 रुपये का मुआवजा दिया गया. मकरंडा पंचायत की मुखिया रानी गुड़िया के हाथों लाभुकों के बीच चेक का वितरण किया गया. इस अवसर पर जराईकेला वन क्षेत्र पदाधिकारी शंकर भगत भी मौजूद रहे.
कार्यक्रम के दौरान रेंजर शंकर भगत ने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि सरकार की ओर से दी जाने वाली यह सहायता एक छोटा सहयोग है. उन्होंने लोगों से जंगली जानवरों से सतर्क रहने और हाथियों के आने की सूचना तुरंत वन विभाग को देने की अपील की, ताकि समय पर कार्रवाई कर लोगों और वन्यजीवों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
कार्यक्रम में फॉरेस्टर कमल किशोर, दीपक भगत, बासुदेव मिंज, विजेंद्र तमसोय तथा कैलाश बीरूवा सहित अन्य वनकर्मी भी उपस्थित थे.

