सरायकेला/ Pramod Singh स्वतंत्रता सेनानी और समाजवादी चिंतक डॉ. राम मनोहर लोहिया की पुण्यतिथि के अवसर पर सरायकेला स्थित देहुरीडीह में श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस मौके पर जिला मारवाड़ी सम्मेलन के जिला अध्यक्ष सह नगर पंचायत उपाध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने बच्चों के बीच मिठाई बांटकर लोहिया जी को नमन किया.

मनोज चौधरी ने कहा कि डॉ. राम मनोहर लोहिया भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के अग्रणी योद्धा थे. उन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ सक्रिय भूमिका निभाई और कांग्रेस रेडियो के माध्यम से आज़ादी की अलख जगाई. लोहिया जी समाजवादी विचारधारा के विकास में अहम स्तंभ थे, जिन्होंने ‘चार स्तंभ राज्य’ और ‘सात क्रांतियों’ जैसे विचारों से समाज में नई चेतना जगाई.
उन्होंने कहा कि डॉ. लोहिया का ‘सप्त क्रांति सिद्धांत’ आज भी समाज के लिए अत्यंत प्रासंगिक है. इस सिद्धांत में उन्होंने सात प्रकार की क्रांतियों — लैंगिक समानता, जातिगत शोषण, आर्थिक असमानता, राजनीतिक पारदर्शिता, सामाजिक न्याय, सांस्कृतिक स्वाधीनता और अंतरराष्ट्रीय समानता — के माध्यम से एक समतामूलक समाज की स्थापना का मार्ग बताया था. मनोज चौधरी ने कहा कि डॉ. लोहिया का मानना था कि भारत में आर्थिक विषमता का मूल कारण जाति व्यवस्था है, जिसने समाज को शोषक और शोषित वर्गों में बाँट दिया है. ऐसे में लोहिया जी के विचार आज भी समाज सुधार और समानता की दिशा में प्रेरणा देते हैं. उन्होंने कहा कि डॉ. लोहिया के सिद्धांतों को अपनाकर हम एक समतामूलक, न्यायपूर्ण और सशक्त समाज का निर्माण कर सकते हैं.

