सरायकेला: Shubham Mishra चांडिल अनुमंडल के रुगड़ी (डोबो) गांव में आगामी 8 मार्च 2026 से शुरू होने वाले 9 दिवसीय श्री 108 कुंडीय श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ एवं धर्म सम्मेलन की तैयारियां तेज हो गई हैं. आयोजन समिति ने गुरुवार को ग्राम सभा, वन विभाग और जिला प्रशासन से अनुमति प्रक्रिया को लेकर रायशुमारी की.

आचार्य पुरुषोत्तम शास्त्री ने बताया कि यह धार्मिक अनुष्ठान झारखंड के इतिहास में सबसे बड़ा संत समागम होगा. देशभर से आ रहे प्रमुख संतों और विद्वानों के बीच बागेश्वर धाम के पीठाधीश धीरेंद्र शास्त्री की मौजूदगी इसे और भव्य बनाएगी. उन्होंने कहा कि औपचारिक अनुमति लगभग पूरी हो चुकी है और जल्द ही अंतिम घोषणा कर दी जाएगी.
समाज के हर वर्ग के लिए विशेष आयोजन
धर्म सम्मेलन के दौरान 9 दिवसीय अखंड हरि नाम संकीर्तन, 1001 निर्धन जोड़ों का सामूहिक विवाह, यज्ञोपवीत संस्कार, आध्यात्मिक प्रवचन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक कार्यों के लिए कमेटी के सदस्यों को अलग- अलग जिम्मेदारी सौंपी गई है.
आचार्य पुरुषोत्तम शास्त्री ने बताया कि इस आयोजन में समाज के हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है. बड़े- बड़े संत- महात्माओं के चरण झारखंड की धरती पर पड़ने से प्रदेश में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा. ग्रामीणों और श्रद्धालुओं के लिए यातायात, जलपान, सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की भी व्यवस्था की जाएगी.
स्थानीय विकास और धार्मिक पर्यटन की संभावना
स्थानीय लोगों का मानना है कि इतने बड़े धार्मिक आयोजन से न केवल आध्यात्मिक वातावरण बनेगा बल्कि धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा. हजारों श्रद्धालुओं के आने से छोटे दुकानदारों, होटल व्यवसाय और स्थानीय शिल्पकारों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे. आचार्य पुरुषोत्तम शास्त्री ने आमजन से इस धार्मिक महोत्सव में बढ़- चढ़कर भाग लेने की अपील की है. उनका कहना है कि ऐसा अवसर विरले ही आता है जब झारखंड की धरती पर इतने बड़े स्तर का संत समागम हो रहा हो.

