पटना/ Arzoo Bakhsh बिहार के सासाराम से राहुल गांधी के शुरू हो रहे “मतदाता अधिकार यात्रा” को लेकर सियासत तेज हो गई है. केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) प्रमुख जीतन राम मांझी ने इस यात्रा को पूरी तरह निरर्थक बताते हुए कहा कि राहुल गांधी और विपक्षी दल जनता को गुमराह कर रहे हैं. मांझी ने कहा कि यह कोई आंदोलन नहीं बल्कि “पत्थर पर सिर पटकने जैसा है”.

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर राहुल गांधी यह यात्रा किसलिए कर रहे हैं. क्या वे यह चाहते हैं कि मृत लोगों के नाम वोटर लिस्ट से न हटाए जाएं. मांझी ने दावा किया कि लगभग 10 से 15 लाख ऐसे लोग हैं जिनकी मृत्यु हो चुकी है लेकिन उनके नाम अभी भी वोटर लिस्ट में दर्ज हैं. इसी तरह 20 लाख लोग ऐसे हैं जिनका कोई अता- पता नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि ये सभी फर्जी वोटर हैं और चुनाव आयोग को इन्हें हटाने का पूरा अधिकार है.
मांझी ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति का नाम चार जगहों पर दर्ज है तो क्या उसे हटाया नहीं जाना चाहिए. यह चुनाव आयोग की सतत प्रक्रिया है और इसमें किसी को भी डरने की जरूरत नहीं है. उन्होंने तीखे अंदाज में कहा कि भारत में वोटर लिस्ट का शुद्धिकरण एक जरूरी कार्य है और इसी से लोकतंत्र मजबूत होता है.
लालू प्रसाद यादव पर निशाना साधते हुए मांझी ने कहा कि जब वे सत्ता में थे, तब हर चुनाव क्षेत्र में फर्जी वोटर बनाए गए थे और उसी आधार पर चुनाव जीतते रहे. उन्होंने आरोप लगाया कि आज भी आरजेडी का जो भी अस्तित्व है, वह फर्जी वोटरों के दम पर ही है. मांझी ने कहा कि यही कारण है कि आज विपक्ष इस प्रक्रिया का विरोध कर रहा है.
मतदाता अधिकार यात्रा पर भाजपा और सहयोगी दलों का लगातार हमला जारी है जबकि विपक्ष इसे लोकतंत्र की रक्षा का आंदोलन बता रहा है. बिहार की सियासत में यह मुद्दा धीरे- धीरे और गरमाता जा रहा है.

