वैशाली/ Arzoo Bakhsh बिहार के वैशाली जिले में गंगा और गंडक नदियों के लगातार बढ़ते जलस्तर ने हाजीपुर के ऐतिहासिक कौनहारा घाट मुक्तिधाम को पूरी तरह से जलमग्न कर दिया है. स्थिति यह है कि लोग पानी के बीच ऊंचे स्थान पर दाह संस्कार करने को मजबूर हैं. घाट तक पहुँचने के लिए परिजनों को शव लेकर बाढ़ के पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है.

स्थानीय लोगों की परेशानी तब और बढ़ गई जब यह सामने आया कि कौनहारा घाट के पास स्थित विद्युत शवदाह गृह पिछले 36 दिनों से बंद पड़ा है. मशीन में प्रदूषण फिल्टर और पाइपलाइन की खराबी के कारण शवदाह गृह संचालन में असमर्थ है. ऑपरेटर धनेसर दास ने बताया कि इसकी लिखित सूचना नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी को दी गई है, लेकिन अब तक कोई पहल नहीं की गई है.
बाढ़ का पानी चारों ओर फैल चुका है, जिससे न केवल कौनहारा घाट, बल्कि काली घाट, पुरानी गंडक पुल घाट, सीढ़ी घाट समेत कई अन्य घाट भी पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं. लोग मजबूरी में विद्युत शवदाह गृह के परिसर और ऊंचे शेड में अंतिम संस्कार कर रहे हैं.
स्थानीय लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि शवदाह गृह को शीघ्र मरम्मत कर चालू किया जाए ताकि लोगों को कम खर्च में अंतिम संस्कार की सुविधा मिल सके और प्रदूषण भी न फैले. कौनहारा घाट पर न केवल वैशाली जिले के विभिन्न प्रखंडों से, बल्कि आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग अंतिम संस्कार के लिए आते हैं, जिससे यहां की स्थिति और भी गंभीर हो गई है.

